भारतीय बैडमिंटन टीम ने हाल में थॉमस कप (Thomas Cup) में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. टीम मेडल जीतकर देश लौटी. इस बीच टीम के डबल्स स्टार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी (Satwiksairaj Rankireddy) के एक पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई. बहस इस बात कि क्या वाकई में भारत में क्रिकेट के अलावा किसी और खेल और खिलाड़ियों की उपलब्धियों की अहमियत नहीं दी जाती?
'किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता', पूर्व वर्ल्ड नंबर वन बैडमिंटन खिलाड़ी क्यों हुआ नाराज?
सात्विकसाईराज और उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी भारत के सबसे सफल डबल्स पेयर हैं. दोनों वर्ल्ड नंबर रह चुके हैं और देश के लिए कई मेडल जीत चुके हैं.


सात्विकसाईराज और उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी भारत के सबसे सफल डबल्स पेयर हैं. दोनों वर्ल्ड नंबर रह चुके हैं और देश के लिए कई मेडल जीत चुके हैं. थॉमस कप में भारत को ब्रॉन्ज दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका थी. भारत लौटने के बाद सात्विक ने अपने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर की. इस स्टोरी में थॉमस कप जीतने वाली टीम की दो तस्वीरें थीं. एक तस्वीर उस समय की जब टीम टूर्नामेंट के लिए रवाना हो रही थी. उन्होंने इस तस्वीर के साथ लिखा,
इस तरह शुरुआत हुई.
वहीं, दूसरी तस्वीर उनके लौटने के बाद की. इस तस्वीर में उन्होंने लिखा,
बैडमिंटन खिलाड़ियों की नाराजगीये इस तरह खत्म हुआ.
दोनों ही तस्वीरें एयरपोर्ट की थी. और कोई खास अंतर नहीं था. न तो कोई फैन था और न ही कोई जश्न मनाया जा रहा था. सात्विक के इस पोस्ट के पीछे की भी यही वजह थी. उन्होंने इसी स्टोरी में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा,
हम घर वापस आ गए हैं. हमेशा की तरह किसी को नहीं पता कि पिछले दो हफ्तों में क्या हुआ? (ब्रॉन्ज मेडल की जीत). ऐसा लगता है कि किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता.
सात्विक की इस पोस्ट को फिर उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी ने भी शेयर किया.

इस पोस्ट पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन भी आए. एक यूजर ने लिखा,
हमारे पास बेस्ट बैडमिंटन डबल्स पेयर है जो कि देश के लिए खेल रहे हैं. लोगों को उनके बारे में पता भी नहीं है. यहां के फैंस की यही हालत है.

नवीन मित्तल नाम के यूजर ने लिखा,
डियर, चिराग शेट्टी. हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसको चिंता है किसको नहीं. हमें फर्क पड़ता है कि हमारे खिलाड़ी दूसरी बार थॉमस कप मेडल जीतकर आए हैं. मैं जानता हूं कि आप लोग बेहतर डिजर्व करते हैं. भारतीय बैडमिंटन कॉम्यूनिटी शायद छोटी है लेकिन हम हमेशा आप लोगों को सपोर्ट करेंगे.

रैंबो नाम के यूजर ने लिखा,
यह दुखी करने वाली खबर है. चिराग भाई, हम जानते हैं. हमने देखा है. हमें चिंता है. हम हमेशा आपके साथ हैं. अपना सिर हमेशा ऊंचा रखें.

बता दें कि टूर्नामेंट में भारत को सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा था. 2022 की चैंपियन टीम भारत ने सेमीफाइनल में पहुंचकर एक पदक पक्का कर लिया था. इससे पहले भारत ने 1952, 1955 और 1979 में भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था.
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