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श्रीसंत को अंडर-13 में ही बैन किया गया, फिर 2 बार World Cup Winner Team का हिस्सा बने

Sreesanth को जिले की अंडर 13 टीम में 6 विकेट लेने के बाद भी नहीं चुना गया, क्योंकि उन्होंने गुस्से में अंपायर से अपनी कैप छीन ली थी. इसके बाद उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था.

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श्रीसंत को अंडर-13 में बैन किया जा चुका था (PHOTO- The Lallantop)

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  • लल्लनटॉप के शो 'गेस्ट इन द न्यूजरूम' में एस श्रीसंत ने बताया कि अंडर-13 मैच के दौरान अंपायर से कैप छीनने और गुस्से में कैप मारने की वजह से उन्हें बैन कर दिया गया था।
  • श्रीसंत की कम उम्र में बैन होने की वजह उनके गुस्से में अंपायर से कैप छीनना और कैप फेंकना था, जिसके कारण उन्हें टीम से सस्पेंड कर दिया गया था।
  • इस घटना के बाद श्रीसंत ने बेंगलुरु जाकर बेहतर क्रिकेटर बनने के लिए प्रशिक्षण लिया और बाद में अपने खेल में सुधार किया।

लल्लनटॉप के खास शो ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ में आए थे इंडियन क्रिकेट के सबसे चर्चित क्रिकेटरों में से एक, एस श्रीसंत. इस दौरान उनसे उस वाकये को लेकर सवाल किया गया जब वो छोटे थे. उस समय वो सिर्फ अंडर-13 टीम के लिए खेल रहे थे. लेकिन एक मैच के दौरान कुछ ऐसा हुआ कि उन्हें इतनी कम उम्र में ही बैन किया गया. 

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इस बारे में बताया था कृष्णा भट्ट. भट्ट बेंगलुरु में ब्रिजेश पटेल क्रिकेट एकेडमी में श्रीसंत के साथ 90 के दशक के आखिरी सालों में खेला करते थे, भट्ट कहते हैं,

उन्हें बेंगलुरु में बहुत कम लोगों ने नोटिस किया . लेकिन वो एग्रेसिव तब भी थे. हम लोगों को लगता था कि मैदान में थोड़ा सनकी (Mad Cap) था . हालांकि इसके अलावा वो बहुत अच्छा इंसान था.

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अंपायर से कैप छीन ली

छोटी उम्र में एग्रेशन, औऱ उसकी वजह से श्रीसंत के बैन होने का किस्सा बहुत ही दिलचस्प है. लल्लनटॉप के कुलदीप मिश्र के साथ बातचीत में उन्होंने इस घटना का जिक्र किया. श्रीसंत कहते हैं,

आपकी टीम ने न जाने कहां से ये जानकरी निकाल ली. मेरे अंडर-13 बैन के बारे में शायद ही किसीको पता हो. मैं बहुत अच्छा खेल रहा था. लेकिन मनमोहन, हमारा कैप्टन, जो कि विकेटकीपर भी था, उसने कैच छोड़ दिया.

श्रीसंत आगे कहते हैं,

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हमलोग 9-10 साल के थे. मैंने कैच छोड़ने पर नाराजगी जताई, तो उसने कहा, हर कैच थोड़ी पकड़ लूंगा. हम बच्चे थे तो इतना बोलना तो स्वाभाविक है. अब इसके बाद हुआ ये कि मेरी कैप मैंने अंपायर को दी थी. अंपायर ने वो कैप अपनी हैट के ऊपर टिकाई हुई थी. अंपायर ये भूल गए थे. मैं तो गुस्सा होकर जा रहा था. तो मैंने उछल कर अपनी कैप उठाई. लेकिन उसके साथ-साथ अंपायर की हैट भी गिर गई.

(यह भी देखें: गेस्ट इन द न्यूजरूम: श्रीसंत ने सचिन-सौरव के मजेदार किस्से सुनाए, भज्जी-गंभीर विवाद पर खुलकर बोले)

श्रीसंत बताते हैं कि कैप लेना तक तो ठीक था. लेकिन उन्होंने गुस्से में पैर से कैप मार दी. लिहाजा उन्हें बैन कर दिया गया. वो बताते हैं कि इसके बाद वो बेंगलुरु गए और पहले से बेहतर क्रिकेटर बन कर लौटे. श्रीसंत के एग्रेशन का जिक्र उनके पुराने साथी और केरल रणजी टीम के पूर्व कप्तान सोनी चेरावतूर भी करते हैं. टेलीग्राफ से बात करते हुए वो बताते हैं, 

छोटे बच्चे के तौर पर भी , श्रीसंत गेम के दौरान सीनियर प्लेयर्स को भी घूर दिया करता था .

चेरावतूर का मानना था कि उन्हें जिले की अंडर 13 टीम में 6 विकेट लेने के बाद भी नहीं चुना गया , क्योंकि उन्होंने गुस्से में अंपायर से अपनी कैप छीन ली थी . इसके बाद उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था.

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