पलटू पाकिस्तान एक बार फिर पलट गया. एक हफ्ते तक फुल माहौल बनाया, जमकर ड्रामा किया, यहां तक की सरकार ने आधिकारिक बयान तक जारी कर दिया कि कुछ हो जाए भारत के खिलाफ नहीं खेलेंगे. लेकिन इतना सबकुछ क्यों, सिर्फ एक हफ्ते में यू-टर्न लेने के लिए.
सिर्फ जंग नहीं, क्रिकेट में भी 'डंके की चोट' पर पलटता है पाकिस्तान, सबूत ये रहे
सच तो यह है कि ज्यादातर लोगों को यही लग रहा था कि पाकिस्तान केवल डींगे हांक रहा है और वह मैच खेलेगा. भारतीय फैंस से लेकर दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) की भी यही राय थी. इसकी बड़ी वजह है पाकिस्तान (Pakistan) का यू-टर्न वाला इतिहास


सच तो यह है कि ज्यादातर लोगों को यही लग रहा था कि पाकिस्तान केवल डींगे हांक रहा है और वह मैच खेलेगा. भारतीय फैंस से लेकर दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) की भी यही राय थी. इसकी बड़ी वजह है पाकिस्तान (Pakistan) का यू-टर्न वाला इतिहास. कई मौकों पर पाकिस्तान ने इसी तरह डंके की चोट पर ऐलान किए, धमकी दी, लेकिन हर बार हुआ वही जो होना था.
एशिया कप 2025पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच रेफरी एंड्री पायक्रॉफ्ट से नाराज था. उसे लगा कि भारत के खिलाड़ियों के हाथ न मिलाने को लेकर पायक्रॉफ्ट ने एक्शन नहीं लिया. नकवी ने धमकी दी थी कि अगर एंडी पायक्रॉफ्ट को उनके मैचों से नहीं हटाया जाएगा तो वह यूएई के खिलाफ अपना अगला मैच नहीं खेलेंगे.
ICC ने PCB से बात की, लेकिन एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाया नहीं गया. वह पाकिस्तान के मैच में रेफरी बने रहे और पाकिस्तान ने यूएई के खिलाफ मैच भी खेला.
एशिया कप 2023भारत ने मेजबान देश पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था. पीसीबी चीफ ने उस समय यह दावा किया कि अगर भारत पाकिस्तान नहीं आएगा तो वह भी 2023 वर्ल्ड कप के लिए भारत नहीं जाएगा. टीम इंडिया पाकिस्तान नहीं गई. यह टूर्नामेंट हाइब्रिड मॉडल में खेला गया और भारत ने सारे मैच श्रीलंका में खेले.
पाकिस्तान को फिर भी 2023 वर्ल्ड कप के लिए भारत ही आना पड़ा.
यह टूर्नामेंट में भारत में होना था. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच खराब राजनीतिक रिश्तों की वजह से यह टूर्नामेंट यूएई में कराया गया. हालांकि मेजबान भारत ही रहा. पाकिस्तान को लग रहा था कि यूएई में टूर्नामेंट केवल इसलिए आयोजित हो रहा है क्योंकि भारत चाहता था. अधिकारियों ने यह कहा कि अगर टूर्नामेंट यूएई में ही होता है तो वह अपने खेलने के फैसले पर फिर से विचार करेंगे.
पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में हिस्सा भी लिया और भारत के खिलाफ मैच भी खेले.
2011 वर्ल्ड कपभारत, बांग्लादेश और श्रीलंका के अलावा पाकिस्तान को भी मैच होस्ट करने थे. हालांकि 2009 में श्रीलंकाई टीम पर पाकिस्तान में हुए हमले के बाद आईसीसी ने मैच शिफ्ट कर दिए. इस पर पीसीबी ने काफी ड्रामा किया. उन्होंने ICC के फैसले को गलत बताया. साथ ही कई सिक्योरिटी एजेंसी से बात की, न्यूट्रल वेन्यू रखने का प्रपोजल दिया. इसके बाद उन्होंने ICC को लीगल नोटिस भी भेजा.
ICC के दखल के बाद बिना किसी शर्त के पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया.
नकवी की जुबान की नो वैल्यूअंतरराष्ट्रीय तो छोड़िए पीसीबी के मौजूदा चीफ मोहसिन नकवी पाकिस्तान में भी यू-टर्न लेने के लिए कुख्यात हैं. वह वहां भी पहले तो तेवर दिखाकर बड़ी बातें कहते हैं, और फिर कुछ दिनों में ही ठीक उससे उलट हरकत करते हैं.
साल 2024 में उन्होंने बाबर आजम को हटाकर शाहीन अफरीदी को पाकिस्तानी टीम का टी20 कप्तान बनाया. उन्होंने अफरीदी को काफी बैक किया और कहा कि यह पाकिस्तान की फ्यूचर प्लानिंग है. बाबर आजम को हटाने का कारण भी यही था. उन्होंने यह भी कहा था कि शाहीन को समय दिया जाएगा. हालांकि एक ही सीरीज के बाद अफरीदी को कप्तानी से हटा दिया गया और बाबर आजम को वापस लाया गया.
बीते साल ही पाकिस्तान को अपने घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद सिलेक्टर्स पर सवाल उठे थे. तब मोहसिन नकवी ने अपने सिलेक्टर्स को बैक किया था और साफ कहा था कि सिलेक्टर्स की कोई गलती नहीं थी. सिलेक्शन सबने मिलकर किया और डाटा के हिसाब से किया.
इस घटना के कुछ दिन बाद ही सिलेक्शन कमेटी में बड़े बदलाव हुए. कप्तान की ताकत बढ़ा दी गई. कुछ सिलेक्टर्स को केवल सलाहकार बना दिया गया.
वीडियो: IND vs PAK: पाकिस्तान अपनी जिद पर अड़ा रहता, तो ICC को कितना नुकसान होता?

















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