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'राजपाल यादव का घर लंगर था', नवाजुद्दीन ने सुनाई थी अच्छे दिनों की कहानी

Nawazuddeen Siddique On Rajpal Yadav: राजपाल यादव के लिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा था कि सबसे पहले उन्हें ही फिल्मों में काम मिलना शुरू हुआ था. तब कई सारे स्ट्रगलिंग एक्टर्स उनके घर खाना खाते थे.

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राजपाल यादव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने एनएसडी में साथ एक्टिंग की ट्रेनिंग ली है. (India today)

Rajpal Yadav News: फिल्म एक्टर राजपाल यादव ‘संकट’ में फंसे हैं. साल 2010 में उन्होंने एक फिल्म बनाने के लिए कर्ज लिया था. अब वो कर्ज उनके ‘गले की फांस’ बन गया है. दिल्ली की जिस कंपनी से उन्होंने लोन लिया था, उसे चुकाने के लिए 7 चेक दिए. सातों बाउंस कर गए. मामले में मुकदमा हुआ और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद राजपाल यादव को तिहाड़ जेल में सरेंडर करना पड़ा. 

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जेल जाने से पहले उन्होंने एक ऐसी बात कह दी कि सोशल मीडिया पर उनके प्रति ‘सिंपथी’ की बाढ़ आ गई. राजपाल ने कहा कि उनका कोई दोस्त नहीं है और उन्हें ये मुसीबत अकेले ही झेलनी होगी.

राजपाल यादव के मुंह से ऐसी बातों ने लोगों को हैरान कर दिया. क्योंकि फिल्मी दुनिया में अब मशहूर हो गए उनके दोस्त गाढ़े वक्त में राजपाल यादव से मिली मदद के किस्से सुनाते हैं. खासतौर पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी का वो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो राजपाल के साथ अपनी दोस्ती के बारे में बताते हैं. ये भी बताते हैं कि कैसे स्ट्रगल के समय राजपाल बहुत से एक्टर्स के लिए ‘अन्नदाता’ की तरह थे. 

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‘दी लल्लनटॉप’ को दिए अपने इस इंटरव्यू में नवाज बताते हैं कि वह और राजपाल यादव लखनऊ के भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के समय से ही साथ हैं. दोनों ने 5 साल तक एक्टिंग की ट्रेनिंग ली है और वो बॉलिवुड के सबसे ज्यादा ‘अकादमिक एक्टिंग एजुकेटेड’ लोगों में शामिल हैं. दोनों ने बीएनए के अलावा दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) में भी पढ़ाई की है. 

इस बातचीत में नवाज आगे कहते हैं कि राजपाल यादव उनके दोस्तों में अकेले ऐसे थे, जिन्हें सबसे पहले काम मिल गया था. वह तो दिल्ली से ही काम लेकर मुंबई गए थे. राजपाल यादव ही सबसे पहले मुंबई में सेटल हुए. नवाज कहते हैं, 

राजपाल बहुत ही कमाल के इंसान हैं. जब राजपाल का (मुंबई में) काम चल रहा था तो बहुत से लोग उनके घर पर खाना खाते थे. उसने कभी ‘उफ्फ’ नहीं किया. जब हम और बहुत सारे एक्टर स्ट्रगल कर रहे थे तो राजपाल का घर ‘लंगर’ की तरह था. कोई भी आकर खाना खा सकता था. वो ऐसा व्यक्ति है. बहुत ही सेंसिटिव आदमी है. 

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नवाज ये बात उस आदमी के लिए कह रहे थे, जिसकी अब ये धारणा बन गई है कि ‘यहां हम सब अकेले हैं. कोई भी दोस्त नहीं हैं’.

हालांकि, राजपाल का ये बयान सामने आने के बाद कई लोगों ने उनकी मदद की पेशकश की है. फिल्म एक्टर सोनू सूद ने उन्हें अपनी फिल्म में काम दिया है. वहीं जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने 11 लाख रुपये और जेम्स टून म्यूजिक के मालिक राव इंदरजीत सिंह यादव ने 1 करोड़ 11 लाख की मदद का ऐलान किया है. 

क्या है मामला?

ये साल 2010 का मामला है. राजपाल यादव बतौर डायरेक्टर एक फिल्म बनाना चाहते थे. फिल्म का नाम था 'अता पता लापता'. इस मूवी से वो अपना डायरेक्टोरियल डेब्यू कर रहे थे. उनकी पत्नी राधा यादव फिल्म की प्रोड्यूसर थीं. फिल्म बनाने के लिए राजपाल ने दिल्ली बेस्ड कंपनी ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था. इस भरोसे के साथ कि वो सूद समेत 8 करोड़ रुपये वापस लौटा देंगे. बाद में इस अमाउंट को घटाकर 7 करोड़ कर दिया गया. बावजूद इसके गया हुआ पैसा कभी लौटकर नहीं आया.

ये देखेंः राजपाल यादव ने राजनीतिक पार्टी क्यों बनाई? शाहरुख-सलमान के साथ काम करने पर ये बताया

2012 में फिल्म रिलीज हुई. 5 करोड़ में बनी मूवी ने सिर्फ 38 लाख रुपये का कलेक्शन किया. ऐसे में राजपाल और राधा पर भारी-भरकम कर्ज आ गया. उन्होंने मुरली प्रोजेक्ट्स को जो 7 चेक दिए, वो भी बाउंस कर गए. मजबूर होकर लोन देने वाले कोर्ट जा पहुंचे. इसी मामले में 5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया.

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का पूरा इंटरव्यू यहां देखेंः

वीडियो: राजपाल यादव को हुई जेल, ये फिल्म बनी वजह

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