The Lallantop

Paris Olympics 2024 में ये बॉक्सर्स दिलाएंगे भारत को मेडल्स?

पेरिस ओलंपिक्स 2024. इस मेगा इवेंट में बॉक्सिंग में भारत को छह बॉक्सर्स रिप्रेसेंट करने वाले हैं. और इनमें तीन बॉक्सर्स ऐसे है जिनके बारे में कहा जा रहा है कि ये तो पोडियम पर फिनिश करेंगे ही. चलिए, आपको इन्हीं बॉक्सर्स के बारे में बताते हैं.

Advertisement
post-main-image
अमित पंघाल, निकहत ज़रीन और लवलीना बोर्गोहेन (फोटो - PTI)

पेरिस ओलंपिक्स 2024. 26 जुलाई से इस मेगा-इवेंट की शुरुआत होने वाली है. कई इंडियन एथलीट्स इस मेगा-इवेंट में हिस्सा लेंगे. और उनका टार्गेट पोडियम फिनिश होगा. हालांकि, ये आसान नहीं होने वाला है. लेकिन दूसरी तरफ से देखें, तो ये नामुमकिन भी नहीं है. क्योंकि कई इंडियन एथलीट्स इस सबसे बड़े मंच पर कमाल कर चुके हैं.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

तो चलिए, आपको बताते हैं कि ओलंपिक्स में कमाल करने वालों की लिस्ट में इस बार कौन से बॉक्सर अपना नाम दर्ज़ करा सकते हैं.

निकहत ज़रीन

निकहत ज़रीन. विमेंस बॉक्सिंग की पोस्टर गर्ल. निकहत टोक्यो ओलंपिक्स के क्वॉलिफायर्स में लड़ने के लिए बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) से भिड़ गई थीं. सोशल मीडिया पर हुई कड़ी बहस और लम्बे इंतजार के बाद इन दोनों का मैच हुआ, जिसमें निकहत 9-1 से हार गई. इस हार के बाद निकहत ने ओलंपिक्स डॉट कॉम से कहा था,

Advertisement

'तबसे मेरा पूरा फोकस और भी अधिक मेहनत करने और मजबूत होकर वापसी करने पर रहा है. यह ऐसी चीज है जिस पर मैं ध्यान केंद्रित कर रही हूं. मैं भविष्य की ओर देख रही हूं. मेरा मानना है कि सबकुछ अच्छे के लिए होता है.'

निकहत के लिए मेरी से मिली ये हार अच्छी ही रही. क्योंकि इसके बाद वो लगातार दो बार वर्ल्ड चैम्पियन बनी. साल 2022 में इस्तांबुल में उन्होंने ये खिताब अपने नाम किया. और फिर साल 2023 में नई दिल्ली में इसको डिफेंड किया. इन दो टाइटल के साथ निकहत ने साल 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता. और साल 2023 एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल अपने नाम किया था. वर्ल्ड स्टेज़ पर लगातार बेहतर करने वाली निकहत से फ़ैन्स को एक बार फिस बड़ी उम्मीदें हैं.

Advertisement
लवलीना बोर्गोहेन

75Kg कैटेगरी में इंडिया को रिप्रेसेंट करने वाली बॉक्सर लवलीना बोर्गोहेन. लवलीना पेरिस ओलंपिक्स में मेडल जीत इतिहास रच सकती हैं. टोक्यो ओलंपिक्स ब्रॉन्ज मेडलिस्ट अगर पेरिस में भी मेडल जीतती हैं, तो वो सिंधु की तरह दो दफा ओलंपिक मेडल जीतने वाली दूसरी इंडियन महिला एथलीट बन जाएंगी. अब आपको बताते हैं कि लवलीना से इतनी उम्मीदें क्यों हैं.

साल 2021 में 69Kg कैटेगरी में ओलंपिक्स मेडल जीतने वाली लवलीना ने आगे भी बढ़िया प्रदर्शन किया. उन्होंने साल 2022 में एशियन बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. लेकिन फिर पेरिस ओलंपिक्स की वेट कैटेगरी को देखते हुए अपना वजन बढ़ाकर, 75Kg में एंट्री ली. और यहां भी उन्होंने मेडल्स की लाइन लगाना शुरू कर दिया.

साल 2023 में वो इस कैटेगरी में वर्ल्ड चैम्पियन बनी. एशियन गेम्स 2023 में सिल्वर मेडल अपने नाम किया. और फिर हाल ही में उन्होंने ग्रैंड प्रिक्स में भी सिल्वर मेडल जीता. लवलीना का मानना है कि वो इस वेट कैटेगरी में खुद में ज्यादा स्ट्रांग फील करती है. इस बारे में वर्ल्ड चैम्पियनशिप और ओलंपिक्स का ज़िक्र करते हुए उन्होंने PTI से कहा था,

'वेट कैटेगरी बदलने के बाद कुल मिलाकर मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा है. ओलंपिक्स वेट कैटेगरी में वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीतना बहुत बड़ी बात थी. पहले मुझे 69Kg में अपना वजन कंट्रोल करना पड़ता था. लेकिन अब मैं 75Kg वेट कैटेगरी में सेट हो गयी हूं. 69Kg कैटेगरी वाले बॉक्सर के लिए मैं लम्बी हूं और मुझे अपना वजन कंट्रोल करना पड़ता था. जब मुझे ऐसा करना होता था तो मुझे खाना बंद करना पड़ता था. मुझे तब इतना स्ट्रांग महसूस नहीं होता था. लेकिन 75Kg में, मैं स्ट्रांग महसूस करती हूं. मेरी स्पीड भी इसमें मेरी हैल्प करती है.'

अमित पंघाल

अमित पंघाल. 51Kg  कैटेगरी में लड़ने वाले बॉक्सर. इंडियन फ़ैन्स की सबसे बड़ी उम्मीद. पूर्व वर्ल्ड नंबर 1, वर्ल्ड चैम्पियन, एशियन गेम्स चैम्पियन, एशियन चैम्पियनशिप में मेडल लाने वाले इस बॉक्सर से टोक्यो ओलंपिक्स में इंडियन फ़ैन्स को बहुत उम्मीद थी. लेकिन वहां अमित प्री-क्वॉर्टरफाइनल में बाहर हो गए. फ़ैन्स एकदम शॉक्ड. उनके साथ अमित भी इस हार के बाद बॉक्सिंग से किनारे लगने लगे.

उनको नेशनल टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. और अब किस्मत पर भरोसा ना करने वाला बॉक्सर मान बैठा था कि किस्मत बड़ी चीज़ है.  PTI से अमित ने कहा था,

'टोक्यो ओलंपिक्स के बाद मैंने किस्मत पर भरोसा करना शुरू कर दिया.'

लेकिन जैसा कि कहा जाता है कि समय का पहिया घूमता जरूर है. ये घूमा और फिर मिला अमित को मौका. जब दीपक भोरिया 51Kg कैटेगरी में दो बार ओलंपिक कोटा बुक करने से चूक गए. तब आखिरी मौके के लिए अमित को बुलाया गया. और उन्होंने ऐसा मौका झपटा कि पेरिस ओलंपिक्स की टिकट कटवा ही ली. इस पर अमित ने कहा,

'मुझे टूर्नामेंट से करीबन एक महीने पहले ही पता चला कि मेरा सेलेक्शन हो गया है. मुझे नहीं पता था कि मैं जा पाऊंगा. लेकिन मैं ट्रेनिंग करता रहता था.'

अब अमित की कहानी रिवेंज़ की हो गई है. और पेरिस ओलंपिक्स में ये मेडल के साथ खत्म हो तो फ़ैन्स को मज़ा ही आ जाएगा.

वीडियो: टीम इंडिया के नए सपोर्ट स्टाफ़ में ये लोग, गौतम गंभीर के सुझावों को मिली स्वीकृति

Advertisement