The Lallantop

लक्ष्य सेन ऑल इंग्लैंड ओपन के फाइनल में, पैर में छाले और मांसपेशियों में खिंचाव भी नहीं रोक सके!

भारतीय शटलर Lakshya Sen ने ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियनश‍िप के मेंस सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली. उन्होंने सेमीफाइनल में कनाडा के Victor Lai को हराया.

Advertisement
post-main-image
ऑल इंग्लैंड बै‍डमिंटन चैंपियनश‍िप के फाइनल में लक्ष्य सेन ने जगह बनाई. (फोटो-AFP)

भारतीय शटलर लक्ष्य सेन इतिहास रचने से अब सिर्फ एक जीत दूर हैं. 7 मार्च को ऑल इंग्लैंड ओपन के मेन्स सिंगल्स के सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के विक्टर लाई को हरा दिया. इस दौरान वह पैर में दर्दनाक छाले और मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे थे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक लड़कर मैच अपने नाम कर लिया. बर्मिंघम में चल रहे इस टूर्नामेंट में वो भारत का 25 साल का इंतजार खत्म करने से महज एक जीत दूर हैं.  

यह मैच लक्ष्य के करियर के सबसे अच्छे मुकाबलों में से एक साबित हुआ. उन्होंने एक घंटे 37 मिनट तक चले मुकाबले में 21 साल के लाई पर 21-16, 18-21, 21-15 से जीत हासिल की. लाई ने पिछले साल पेरिस में हुए वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था.  

Advertisement
2022 में रनर्स अप रह चुके हैं लक्ष्य

लक्ष्य 2022 सीजन में ऑल इंग्लैंड ओपन के रनर्स अप रहे थे. अल्मोड़ा के 24 साल के खिलाड़ी का सामना अब 8 मार्च को फाइनल में दुनिया के 11वें नंबर के खिलाड़ी चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा. वह इस मुकाबले को जीतकर तीन साल पुराना सपना पूरा करने की कोश‍िश करेंगे.

भारत के लिए इससे पहले, प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने ऑल इंग्लैंड ओपन जीते हैं. उनके अलावा, सिर्फ प्रकाश नाथ (1947), साइना नेहवाल (2015) और लक्ष्य सेन (2022) ही इस टूर्नामेंट के रनर्स अप रहे हैं.  

52 रैलियों से हुई शुरुआत

वहीं, सेमीफाइनल मुकाबले की बात करें तो, लक्ष्य ने जबरदस्त मानसिक मजबूती, मजबूत डिफेंस और सटीक स्ट्रोकप्ले का प्रदर्शन किया. 

Advertisement

मैच की शुरूआत 52 शॉट की रैली से हुई. दोनों शटलर एक-दूसरे के डिफेंस को भेदते हुए 3-3 और 4-4 पर बराबरी पर थे. लाई के ऊंचे ‘टॉस’ शॉट ने कई दफा लक्ष्य को चौंकाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपने बेहतर स्ट्रोकप्ले पर भरोसा रखते हुए स्कोर 8-8 से बराबर रखा.

लक्ष्य फिर 10-8 से आगे हो गए, लेकिन लाई ने सीधे स्मैश और एक बढ़िया नेट शॉट से स्कोर फिर बराबर कर लिया. लक्ष्य ने ब्रेक तक फोरहैंड ड्राइव से एक अंक की मामूली बढ़त बना ली. फिर वह कई सटीक स्मैश और नेट प्ले से 18-16 से आगे हो गए.

लाई के लंबा शॉट मारने और एक शॉट से चूकने से लक्ष्य ने जल्द ही चार गेम प्वाइंट हासिल कर लिए और कई आक्रामक स्ट्रोक लगाकर पहला गेम जीत लिया.

ये भी पढ़ें : सूर्या ने दिया सैंटनर को जवाब! T20 वर्ल्ड कप के फाइनल से पहले क्या बोल गए भारतीय कप्तान?

दूसरे गेम में बाजी मार गए लाई

दूसरा गेम भी बराबरी पर शुरू हुआ, लेकिन लक्ष्य को अपने पैर के छालों के ट्रीटमेंट के लिए थोड़ी देर के लिए कोर्ट से बाहर जाना पड़ा, तब वह 3-4 से पीछे थे. खेल दोबारा शुरू होने पर लाई ने शानदार डिफेंस के दम पर 9-4 की बढ़त बना ली. इसमें 59 शॉट की शानदार रैली भी शामिल थी.

लक्ष्य ने ड्रॉप शॉट, सटीक बैकलाइन पुश और तेज नेट प्ले के जरिए धीरे-धीरे वापसी की. लेकिन, लाई ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बनाए रखी. इसके बाद, भारतीय खिलाड़ी ने सटीक बैकलाइन रिटर्न से 16-16 से बराबरी कर ली.

लेकिन, कनाडा के खिलाड़ी ने भी संयम बनाए रखा और फिर से 18-16 से बढ़त बना ली. उन्होंने इसके बाद दो गेम प्वाइंट भी हासिल किए और लक्ष्य का रिटर्न वाइड जाने से दूसरा गेम जीतकर 1-1 से बराबरी कर ली.

निर्णायक सेट में कैसे की लक्ष्य ने वापसी?

मुकाबला अब निर्णायक गेम में पहुंच गया. लक्ष्य ने आख‍िरी गेम की शुरुआत में ही 4-2 से बढ़त बना ली. इस दौरान डाइव लगाने के दौरान लाई की ऊंगली में चोट लग गई. उन्होंने इसके लिए मेडिकल टाइमआउट लिया.

कैनेडियन प्लेयर को इस ब्रेक का फायदा मिला. उन्होंने फिर स्कोर 4-4 से बराबर किया. लेकिन, 86 शॉट की थका देने वाली रैली खत्म होने से लय तय हो गई, जिसमें चेयर अंपायर ने यह फैसला करते हुए लक्ष्य को अंक दे दिया कि शटल लाई से टकराई थी.

लक्ष्य ने लाई की थकान का फायदा उठाते हुए धीरे-धीरे बढ़त बनाई. वो 9-6 से आगे हो गए. लक्ष्य ने इसके बाद एक जोरदार स्मैश और एक तेज नेट शॉट के साथ ब्रेक तक 11-7 की बढ़त बना ली.

ब्रेक के दौरान लक्ष्य की थाई मसल्स का ट्रीटमेंट भी किया गया और बाद में कोर्ट पर देर से लौटने पर उन्हें ‘येलो कार्ड’ दिखाया गया. मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद लक्ष्य ने संयम दिखाई और 15-9 की बढ़त बना ली.

जैसे-जैसे मुकाबला एक घंटे 30 मिनट का समय पार कर रहा था, गलतियां भी बढ़ने लगीं. इससे लाई ने अंतर 14-16 तक कम कर लिया. लेकिन, भारतीय खिलाड़ी ने फिर से जोश दिखाया और एक स्मैश मारकर स्कोर 17-14 कर दिया. फिर जब लाई ने वाइड शॉट लगाया तो बढ़त 18-15 की हो गई.

एक जबरदस्त स्मैश के बाद लक्ष्य जीत से महज दो अंक की दूरी पर थे और लाई की नेट गलती ने भारतीय खिलाड़ी को पांच मैच प्वाइंट दिला दिए. उन्होंने एक और दमदार स्मैश के साथ यादगार जीत पक्की कर ली.

वीडियो: वरुण चक्रवर्ती को इरफान पठान ने क्या सलाह दे दी?

Advertisement