क्रिकेट वर्ल्ड कप में खेलना और देश के लिए ट्रॉफी जीतना, यह सपना हर क्रिकेटर का होता है. कुछ प्लेयर्स यह ख्वाब पूरा होता है, कुछ का अधूरा रह जाता. दुनिया में ऐसे कई नामी क्रिकेटर हुए जिनका पूरा करियर खप गया, लेकिन वे वर्ल्ड कप नहीं जीत पाए. ये सब किस्मत का खेल है. कहते हैं न अगर भाग्य साथ है तो सब कुछ आसान हो जाता है. आज एक ऐसे क्रिकेटर के बारे में बताएंगे जिन्होंने सिर्फ 6 दिन के T20I करियर में वर्ल्ड कप जीत लिया. वह वर्ल्ड फाइनल के हीरो रहे. यह कहानी है पूर्व क्रिकेटर जोगिंदर शर्मा (Joginder Sharma) की. उनकी स्टोरी बताती है कि बेहद कम समय में बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है.
13 रन डिफेंड किए और इतिहास बन गया, जोगिंदर शर्मा का वो ओवर जिसे भारत कभी नहीं भूलेगा
पूर्व क्रिकेट जोगिंदर शर्मा (Joginder Sharma) का टी20 इंटरनेशनल करियर सिर्फ 6 दिनों का रहा. लेकिन इतने कम दिनों में भी उन्होंने कमाल कर दिया. पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने आखिरी ओवर में 13 रन डिफेंड किए थे.


8 अगस्त 2007 को टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की घोषणा हुई. जिन 15 खिलाड़ियों को स्कॉड में जगह मिली, उनमें हरियाणा के 23 वर्षीय ऑल राउंडर जोगिंदर शर्मा भी शामिल थे. टीम में उनके सिलेक्शन की वजह मीडियम पेस बॉलिंग और लोअर ऑर्डर में बैटिंग रही. 3 अप्रैल 2007 को उन्होंने टी20 में डेब्यू किया. 17 अप्रैल 2007 तक उन्होंने हरियाणा के लिए 8 टी20 मैच खेले, जिनमें 73 रन बनाने के अलावा 6 विकेट लिए. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वह पहले से कमाल कर रहे थे. कैप्टन एमएस धोनी (MS Dhoni) को भरोसा था कि जोगिंदर एक न एक दिन काम जरूर आएंगे.
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जोगिंदर शर्मा का टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू 19 सितंबर 2007 को इंग्लैंड के खिलाफ डरबन में हुआ. यह वही मैच था जिसमें युवराज सिंह ने स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में 6 छक्के लगाए थे. इससे पहले जोगिंदर ने सिर्फ 4 वनडे लिए खेले थे. उन्होंने आखिरी वनडे 24 जनवरी 2007 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कटक में खेला. डेब्यू T20I में वह महंगे रहे. उन्होंने 4 ओवर के स्पेल में 57 रन खर्च किए. इंग्लैंड के बैटर्स ने 6 चौके और 3 छक्के लगाकर उनके कॉन्फिडेंस को हिलाने की कोशिश की.
20 सितंबर को भारत का मुकाबला साउथ अफ्रीका से हुआ. मैदान वही डरबन का किंग्समीड. धोनी जानते थे कि जोगिंदर पहले मैच में महंगे रहे, इससे उनका कॉन्फिडेंस डाउन होगा. माही ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्हें फिर गेंद थमा दी. उनके पास मौका था अपने खोए आत्मविश्वास को वापस पाने का. जोगिंदर ने इस मैच में 4 ओवर में सिर्फ 24 रन दिए. 22 सितंबर को भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से हुआ. जिसमें उन्होंने 37 रन देकर 2 विकेट लिए. इसके बाद 24 सितंबर 2007 को जोहांसबर्ग में जो कुछ हुआ, वो इतिहास में दर्ज हो गया.
फाइनल में डिफेंड किए 13 रन24 सितंबर 2007 को टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल भारत और पाकिस्तान के बीच जोहांसबर्ग में खेला गया. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 157 रन बनाए. खिताबी मुकाबले में गौतम गंभीर(Gautam Gambhir) टॉप स्कोरर रहे उन्होंने 75 रन की पारी खेली. पाकिस्तान को मैच जीतने के लिए 158 रन का टारगेट मिला. एक समय मिसबाह उल हक (Misbah-Ul-Haq) भारत से फाइनल छीनते नजर आए. वह लगातार इंडियन बॉलर्स पर अटैक कर रहे थे. पाकिस्तान को फाइनल जीतने के लिए आखिरी ओवर में 13 रनों की जरूरत थी और उसका एक विकेट बाकी था.
ऐसे में कप्तान एमएस धोनी ने जोगिंदर शर्मा पर दांव लगाया. माही चाहते तो हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) से भी आखिरी ओवर करा सकते थे. क्योंकि, भज्जी का एक ओवर बाकी था. लेकिन उन्होंने जोगिंदर पर भरोसा किया. वर्ल्ड कप फाइनल का आखिरी ओवर हो, सामने पाकिस्तान हो, तो बॉलर की धड़कने कई गुना बढ़ जाती हैं. जोगिंदर पर प्रेशर साफ दिखाई दिया. 20वें ओवर की पहली गेंद वाइड. अगली गेंद पर कोई रन नहीं. दूसरी गेंद ऑफ स्टंप के बाहर फुल टॉस. मिस्बाह का गगनचुंबी छ्क्का. अब पाकिस्तान को 4 गेंद पर 6 रन चाहिए थे. ओवर की तीसरी गेंद. मिस्बाह का स्कूप शॉट फाइन लेग के ऊपर से. गेंद स्टैंड में जाने के बजाय हवा में झूल गई. उस ओर श्रीसंत (Sreesanth) मौजूद थे. उन्होंने अपने आपको पोजीशन करते हुए कैच लपक लिया. भारत ने 5 रनों से यह रोमांचक मुकाबला जीतकर, टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया.
फाइनल मैच आखिरी साबित हुआजोगिंदर शर्मा का टी20 वर्ल्ड कप फाइनल मैच उनके इंटरनेशनल करियर का आखिरी मुकाबला साबित हुआ. इसके बाद वह भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेले. दुनिया में ऐसे बहुत कम क्रिकेटर होंगे जिन्हें वर्ल्ड कप फाइनल खेलने के बाद मौका न मिला हो. जोगिंदर ने इसी वर्ल्ड कप में टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया था. उन्होंने 6 दिन के टी20 इंटरनेशनल करियर में सब कुछ देख लिया. वह भारत के लिए सिर्फ 4 टी20 मैच खेले, जिनमें 4 विकेट लिए. इसके बाद जोगिंदर शर्मा फर्स्ट क्लास और टी20 क्रिकेट खेलते रहे, लेकिन टीम इंडिया में वापसी नहीं हुई.
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