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IPL में फाइन लगाने पर BCCI दिखा रही डबल स्टैंटर्ड! पूर्व क्रिकेटर ने उठाए सवाल

पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि पंजाब किंग्स के खिलाफ कोहली का सेलिब्रेशन भी अग्रेसिव ही था, लेकिन उन पर कोई फाइन नहीं लगाया गया.

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लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर दिग्वेश राठी पर दो बार फाइन लग चुका है. (Photo- PTI)

IPL 2025 में कई प्लेयर्स अपने एनिमेटेड सेलिब्रेशन को लेकर चर्चा में रहे हैं. फिर चाहे दिग्वेश राठी को ले लें. या इंडियन टीम के स्टार बैटर विराट कहोली को. दिग्वेश पर BCCI एक्शन भी ले चुकी है. लेकिन विराट के साथ बोर्ड ने ऐसा कुछ नहीं किया. इसी को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा का बयान सामने आया है. आकाश ने खिलाड़ियों को सजा देने के मामले में भेदभाव की बात सामने रखी है. 

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आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा,

दिग्वेश राठी ने पहली बार में नोटबुक सेलिब्रेशन किया, उनपर फाइन लगा दिया. दूसरी बार किया, उनपर फिर फाइन लगा दिया गया. तीसरी बार वह इतना डर गया, कि इतना कमा नहीं रहा हूं जितना फाइन में चला जाएगा. तो तीसरी बार उन्होंने जमीन पर लिखना शुरू कर दिया. वह डर गए कि उनका अग्रेसिव सेलिब्रेशन किसी को पसंद नहीं आ रहा है. लीग के नियम ऐसे ही हैं.

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पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने आगे कहा कि पंजाब किंग्स के खिलाफ कोहली का सेलिब्रेशन भी अग्रेसिव ही था. उन्होंने कहा,

इसके बाद हमने पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मैच में जो हुआ वह देखा. आखिर में विराट कोहली ने सेलिब्रेट किया. वह भी अग्रेशन था, लेकिन उनको किसी ने कुछ नहीं कहा. कोई बात भी नहीं हुई, पर दिग्वेश राठी पर आपने फाइन लगा दिया. धोनी भी एक बार मैदान पर घुस गए थे और उनपर 50 प्रतिशत मैच फीस का फाइन लगा था. और ज्यादा हो सकता था, लेकिन एक्शन हुआ था.

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आकाश चोपड़ा का कहना है कि बीसीसीआई को नियमों को लेकर स्पष्टता रखनी चाहिए. उन्होंने कहा,

विराट कोहली के खिलाफ एक्शन नहीं हुआ है. मैं कोहली के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन क्या सबके लिए नियम एक जैसे नहीं होने चाहिए. आपको पता हो कि क्या करने पर लेवल वन ऑफेंस होगा, क्या करने पर लेवल 2 ऑफेंस. इसके बाद आप नाम नहीं देखेंगे, चाहे वह रोहित शर्मा हो, या आयूष बडोनी. एक को फाइन करते हैं दूसरे को नहीं. तो लोग सोचते हैं कि क्या है यह सही है."

आकाश ने आगे कहा कि यह भी हो सकता है कि गर्वनिंग काउंसिल युवा खिलाड़ियों को अभी से लाइन पर रखना चाहती हो. अगर यह खिलाड़ी अभी ऐसा करेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा. उन्होंने कहा कि, ऐसा है तो यह बात भी बताई जानी चाहिए कि युवा खिलाड़ियों के लिए वह ज्यादा सख्त है. ताकि लोग यह न सोचें कि भेदभाव हो रहा है.

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