अब जब एक इंटरव्यू में सूर्यकुमार से पूछा गया कि आपने इतने सारे टैटू बनवा रखे हैं. अगर आपको किसी सेलेब्रिटी का टैटू बनवाने को कहा जाए तो किसका और कहां बनवाएंगे? सूर्यकुमार का जवाब था- पॉल वॉकर का टैटू राइट हैंड पर. सूर्यकुमार बताते हैं कि जब उन्हें कोलकाता की टीम ने आईपीएल के लिए चुना तो मम्मी-पापा का नाम हाथ पर लिखवाया. इसके बाद आईपीएल 8 में मुंबई इंडियंस में पहली जीत के बाद कंधो पर मम्मी-पापा की फोटो भी बनवा लिए.

टैटू, टैटू और टैटू
सूर्यकुमार 14 सितंबर 1990 को पैदा हुए. फिलहाल आईपीएल मुंबई इंडियंस की ओर से खेल रहे हैं. 2017 तक कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते थे. मुंबई की टिपिकल मिडिल क्लास फैमिली में पैदा हुए सूर्यकुमार बचपन में महाराष्ट्र की सड़कों पर क्रिकेट खेलते थे. पापा को लगा कि लड़का क्रिकेट के प्रति जुनूनी है तो उन्होंने 10 साल की उम्र में एक क्रिकेट कैंप जॉइन करा दिया. इससे पहले चाचा क्रिकेट सिखाते थे. 12 साल की उम्र में कोच कामत शॉ को सूर्यकुमार में कुछ अलग दिखा और इस पर एक्स्ट्रा टाइम देने लगे. इसके बाद वेंगसरकर एकेडमी पहुंचे जहां दिलीप वेंगसरकर से क्रिकेट की बारीकियां सीखने लगे.
11 फरवरी 2010 को पहला लिस्ट ए का मैच खेला और 35 गेंदों में 41 रन बनाए. इसी साल फर्स्ट क्लास क्रिकेट में भी डेब्यू किया और पहली इनिंग्स में 15 चौके की मदद से 73 रन बनाए. 2011-12 रणजी ट्रॉफी में सूर्यकुमार ने 9 मैच खेल करीब 69 की औसत से 754 रन बनाए. मुंबई के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने में टॉप पर रहे. अपने तीसरे मैच में ओडीशा के खिलाफ डबल सेंचुरी लगाई और अगले मैच में एक और शतक. अंडर 23 खेलते हुए उन्होंने उसी साल 1000 से अधिक रन बनाए.

लिस्ट ए मैच के दौरान बैटिंग करते हुए सूर्यकुमार यादव.
आईपीएल में एंट्री
साल 2011 में पहली बार आईपीएल में चुने गए. मुंबई इंडियंस ने खरीदा. 2011 में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. 2012 में भी मुंबई के साथ बने रहे. इस सीजन के तीसरे मैच में खेलने को आए लेकिन वो दिन सूर्यकुमार का नहीं था. 4 गेंद खेलकर बिना खाता खोले आउट हो गए. फिर पूरे सीजन बेंच पर रहे सिवाय बीच-बीच में फील्डिंग के. 2013 में भी पूरे सीजन बेंच पर ही रहे. 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 70 लाख रुपए में खरीद लिया. 2014 में कुछ खास कमाल नहीं कर सके थे लेकिन कोलकाता की टीम IPL चैंपियनशिप जीत गई थी.

गौतम गंभीर के साथ सूर्यकुमार यादव
2015 आईपीएल का पहला मैच था. मुंबई ने 168 रन बनाए थे. 169 के टारगेट का पीछा करते हुए सूर्यकुमार ने 20 गेंदों में नॉटआउट 46 रन बनाए थे. इसमें 5 छक्के शामिल थे. कोलकाता की टीम मैच जीती थी और सूर्यकुमार की खबर न्यूज़पेपर के पहले पन्नों पर थी.
जब विवादों में फंसे
2017 में सूर्यकुमार विवादों में फंसे. उन्हें इंटर स्टेट टी-20 सीरीज़ में शामिल नहीं किया गया था. नहीं शामिल किए जाने को लेकर एक ट्वीट को उन्होंने रीट्वीट कर दिया था. इसके बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसके बाद उन्होंने कहा था कि उन्होंने वह ट्वीट नहीं किया. एक एजेंसी हैं जो सोशल मीडिया हैंडल करती है और इसमें उनकी कोई गलती है. इतना सब होने के बाद उन्होंने अपनी गलती मान ली. इसके बाद उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी में शामिल किया गया था.

2018 में घरवापसी हुई
2018 में सूर्यकुमार की फिर से घरवापसी हुई. मुंबई ने 3.2 करोड़ रुपए में खरीदा. इस सीजन में 512 रन बनाए. अब तक 8 सीजन खेल चुके सूर्यकुमार का सीजन बेहतर रहा. इस सीजन में उन्होंने 4 फिफ्टी लगाए. 2019 में मुंबई ने सूर्यकुमार को अपने साथ बनाए रखा. आईपीएल में इनका स्ट्राइक रेट 132 के पार है. सूर्यकुमार बताते हैं कि वह महेंद्र सिंह धोनी की तरह कूल बनना चाहते हैं. वह जब भी चेन्नई के लिए या देश के लिए मैच जीतते हैं या फिर खुद अच्छी इनिंग्स खेलते हैं, शांत रहते हैं. गौतम गंभीर को को लेकर सूर्यकुमार कहते हैं- गंभीर से भी काफी कुछ सीखा है. प्रेशर के दौरान कैसे बैटिंग करते हैं. कैसे प्रेशर रिलीज़ करते हैं.
सूर्यकुमार ने अब तक 72 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं और 43 की औसत से 4818 रन बनाए हैं. लिस्ट ए मैच की बात करें तो उन्होंने 77 मैच खेलकर करीब 94 की स्ट्राइक रेट से 2000 रन बनाए हैं.
वीडियो- सैम करन: 7 साल की उम्र में छोड़ना पड़ा था अपना देश, दादा, पिता और भाई भी हैं क्रिकेटर












