1) अंतिम तीन ओवरों में 60 रन 17 ओवरों में चेन्नई का स्कोर था. 117 रन. लेकिन जब पारी खत्म हुई तो स्कोर 175 था. अंतिम तीन ओवरों में 60 रन बने. ये 60 रन राजस्थान को कितना महंगे पड़े, ये बताने की जरूरत नहीं है. खासतौर पर धवल कुलकर्णी का 18वां ओवर और जयदेव उनादकट का 20वां ओवर. इन दो ओवरों में 52 रन बने. 20वें ओवर की अंतिम तीनों गेंदों पर धोनी ने लगातार तीन छक्के जड़े.
2) खराब शुरुआत राजस्थान की शुरुआत बेहद खराब रही. रहाणे पारी की दूसरी गेंद पर ही चलते बने. बटलर भी कुछ खास नहीं कर सके. मात्र 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. आगे की जिम्मेदारी पिछले मैच के शतकवीर संजू सैमसन पर थी. लेकिन वो भी मात्र 8 रन ही बना सके. इस तरह से राजस्थान के तीन विकेट मात्र 14 रन पर गिर चुके थे. जिसके कारण मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर प्रेशर बना.

पारी के दौरान धोनी और ब्रावो
3) ड्वेन ब्रावो अंतिम ओवर. 6 गेंदों पर 12 रनों की जरूरत. क्रीज पर थे बेन स्टोक्स. 25 गेंदों पर 46 रन बना चुके थे. पहली ही गेंद पर स्टोक्स को रैना के हाथों कैच कराया. आधा काम तो यहीं हो गया था. इसके बाद केवल 3 रन दिया. और चेन्नई ने 8 रनों से ये मैच अपने नाम कर लिया. इतना ही नहीं 16 गेंदों पर 27 रनों की बहुत जरूरी पारी भी खेली. जरूरी इसलिए क्योंकि चेन्नई का शीर्षक्रम अच्छा नहीं कर सका था.
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