ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद टीम से जुड़े रोहित शर्मा. फोटो: AP
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी पर कोविड के खतरे के बाद अब भारतीय टीम के ब्रिस्बेन ना जाने को लेकर रिपोर्ट्स आ रही हैं. भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ का चौथा टेस्ट 15 जनवरी से ब्रिस्बेन में खेला जाना है. लेकिन ऐसी खबरें हैं कि क्वारंटीन और सख्त नियमों की वजह से भारतीय टीम इससे इंकार कर रही है. लेकिन इन रिपोर्ट्स के बीच ही ब्रिस्बेन से भी सख्त बयान जारी किया है. क्वींसलैंड से शैडो मिनिस्टर्स की तरफ से रिपोर्ट्स पर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है. क्वींसलैंड के शैडो मिनिस्टर्स का कहना है कि अगर भारतीय टीम प्रोटोकॉल्स का पालन नहीं करना चाहती तो उनके इस बयान का स्वागत है कि वो यहां ना आएं. रविवार, तीन जनवरी की सुबह ऐसी खबरें आईं कि अगर खिलाड़ियों को जबरन क्वारंटीन में भेजा जाता जाता है तो वो चौथे टेस्ट के वेन्यू ब्रिस्बेन में जाने के इच्छुक नहीं है. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दौरे शुरू होने से पहले ही भारतीय दल 14 दिन के क्वारंटीन में था. ऐसे में टीम खिलाड़ियों पर ज़्यादा पाबंदियों के खिलाफ है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों पर मानसिक तौर पर असर पड़ेगा. भारतीय टीम के इस बयान के बाद क्वींसलैंड भी कोविड को लेकर अपने प्रोटोकॉल्स में ढिलाई नहीं बरतना चाहता. राज्य की शैडो हेल्थ मिनिस्टर रोस बेट्स ने इस मामले पर कहा,
''अगर भारतीय नियमों के साथ खेलने आना नहीं चाहते तो बेहतर है वो ना आएं.''
क्वींसलैंड के शैडो स्पोर्ट्स मिनिस्टर टिम मेंडर ने भी इन्हीं बातों पर पर सहमति जताई है. उन्होंने कहा,
''अगर भारतीय क्रिकेट टीम चौथे टेस्ट के लिए ब्रिस्बेन में अव्यवस्थित दिशानिर्देशों को लागू करना चाहती है, तो उन्हें नहीं आना चाहिए. सीधी सी बात है, सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए.''
ब्रिस्बेन में कोविड से बचाव के लिए सख्त दिशानिर्देशों की जानकारी ऑस्ट्रेलियाई टीम को पहले ही दी जा चुकी है. सीरीज़ का तीसरा टेस्ट सिडनी में होना है. जिसकी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है. न्यू साउथ वेल्स राज्य के कार्यवाहक प्रमुख, जॉन बारिलारो ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि सरकार 20,000 फैंस के सामने तीसरे टेस्ट को सुरक्षित रूप से आयोजित करने पर ध्यान लगा रही है. चार मैचों की सीरीज़ का पहला मैच एडिलेड ओवल में खेला गया था. जबकि दूसरा मैच मेलबर्न में खेला गया. सीरीज़ का तीसरा मैच सात जनवरी से सिडनी क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा. जबकि आखिरी मुकाबला 15 जनवरी से ब्रिस्बेन में होना है. दरअसल ब्रिस्बेन टेस्ट में सख्त प्रोटोकॉल के पीछे का एक कारण भारतीय खिलाड़ियों का प्रोटोकॉल उल्लंघन करना भी है. शनिवार के दिन टीम इंडिया के खिलाड़ियों की तरफ से बायो बबल तोड़ने और कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने का बड़ा मामला सामने आया था. जिसके बाद तुरंत कार्यवाही करते हुए टीम के चार खिलाड़ियों को आइसोलेट कर दिया गया है. ये चार खिलाड़ी रोहित शर्मा, रिषभ पंत, शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ और नवदीप सैनी हैं.
भारतीय टीम मेलबर्न में एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए गई. तभी वहां पर भारतीय फैन नवलदीप सिंह नाम के एक व्यक्ति ने टीम के खिलाड़ियों का बिल पे किया और ऋषभ पंत को गले लगाया. जिसके बाद से इस मामले ने तूल पकड़ लिया.