विराट कोहली को अंतिम ओवर के में विजय और केदार में से एक को चुनना था.
5 मार्च 2019. नागपुर का जामथा स्टेडियम. इंडिया VS ऑस्ट्रेलिया. दूसरे वनडे का अंतिम ओवर. ऑस्ट्रेलिया को जीतने के लिए 11 रनों की जरूरत. और इंडिया को 2 विकेट की. टीम के मुख्य गेंदबाजों शमी, बुमराह, कुलदीप और जडेजा अपने कोटे की गेंदबाजी पूरी कर चुके थे. कप्तान कोहली ने गेंद थमाई ऐसे गेंदबाज को, जिसने वनडे क्रिकेट में अभी तक एक भी विकेट नहीं लिया था. फिर आगे जो हुआ वो इतिहास है. इतिहास इसलिए कि 1995 के बाद पहली बार भारत ऑस्ट्रेलिया से 250 का स्कोर बचाने में सफल हुआ है. और कोहली की कप्तानी में ये सबसे कम स्कोर है, जिसे टीम इंडिया बचाने में सफल रही है.
क्या हुआ अंतिम ओवर में?
अंतिम ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था 240/8. जीत के लिए चाहिए थे 11 रन. गेंद विजय शंकर के हाथों में थी. सामने स्टोइनिस थे. स्टोइनिस 65 गेंदों पर 52 रन बनाकर जमे हुए थे. शंकर ने पहली ही गेंद पर स्टोइनिस को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया. स्टोइनिस ने डीआरएस के लिए अपील की. लेकिन अंपायर कॉल के कारण उन्हें पवेलियन वापस जाना पड़ा. ये विजय शंकर का वनडे इंटरनेशनल में पहला विकेट था. अंतिम बल्लेबाज के रूप में एडम जांपा मैदान में आए. ओवर की दूसरी गेंद पर दो रन बने. अब जीत के लिए 5 गेंदों पर 9 रनों की जरूरत थी. ओवर की तीसरी गेंद और जांपा क्लीन बोल्ड. भारत आठ रन से ये मैच जीत चुका था. यह भारत की वनडे क्रिकेट में 500वीं जीत है.
रोहित और धोनी की सलाह काम आई
बाहर कप्तान कोई भी हो. मैदान के अंदर धोनी ही होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि धोनी हमेशा कप्तान कोहली और उप-कप्तान रोहित को गाइड करते रहते हैं. अक्सर उनकी सलाह टीम को जीत भी दिलाती है. ऐसा ही एक बार फिर हुआ है. कोहली शंकर को 46 वां ओवर देना चाहते थे. लेकिन धोनी और रोहित चाहते थे कि अभी चार ओवर (46 से 49) शमी और बुमराह से कराया जाए. कोहली ने ऐसा ही किया. नतीजा ये हुआ कि पहले बुमराह ने 46वें ओवर में दो विकेट लिए. फिर 50वें ओवर में विजय ने ऑस्ट्रेलिया का काम तमाम कर दिया. ये बात खुद कोहली ने मैच खत्म होने के बाद बताई. विजय शंकर ने इस मैच में 46 रन भी बनाए. एक समय वो बड़ी पारी की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए. और अपना पहला अर्द्धशतक बनाते बनाते रह गए. कोहली ने कहा,
मैं विजय से 46वां ओवर करवाने की सोच रहा था. लेकिन मैंने रोहित और धोनी से बात की. उन्होंने कहा कि अभी शमी और बुमराह से बॉलिंग करवानी चाहिए. अगर उन्हें कुछ विकेट मिल गया तो हमारा पलड़ा भारी रहेगा. ठीक यही हुआ. विजय ने स्टंप-टु-स्टंप रखा और ये काम कर गया. रोहित से बात करना हमेशा फायदेमंद रहता है. वो टीम के वाइस-कैप्टन हैं. धोनी भी सलाह देने के लिए हमेशा मौजूद रहते हैं.
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