Washington Sunder के साथ जश्न मनाते दिख रहे हैं एनर्जी से भरे Rishabh Pant (एपी फोटो)
ब्रिसबेन टेस्ट का पहला दिन मिलाजुला रहा. शुरुआती झटके खाने के बाद अनुभवहीन भारतीय बोलर्स और खराब फील्डिंग का फायदा उठाकर ऑस्ट्रेलिया ने पहला दिन आराम से बिता दिया. भारतीय टीम इस मैच में एकदम नई बोलिंग लाइनअप के साथ उतरी थी. हालांकि एक बार फिर से मैदान के अंदर कंगारुओं को सबसे ज्यादा परेशान ऋषभ पंत ने ही किया. यहां तक कि पंत से पूर्व ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स मार्क वॉ और शेन वॉर्न भी फ्रस्ट्रेट हो गए. गाबा टेस्ट के पहले दिन पंत अपने चिर-परिचित अंदाज में विकेट के पीछे से लगातार बोल रहे थे. वॉ और वॉर्न उनकी इन हरकतों से नाखुश दिखे. फॉक्स स्पोर्ट्स के लिए कॉमेंट्री करते हुए वॉ ने कहा,
'मुझे कीपर के बोलने से दिक्कत नहीं है. लेकिन जब बोलर गेंद डालने वाला हो, तब आपको चुप रहना चाहिए. उस वक्त आपको चुप रहना ही चाहिए. मैं सोचता हूं कि अंपायर को ऐसे हालात में थोड़ा कंट्रोल लेना होगा. यह प्लेयर्स के बस के बाहर की चीज है, अंपायर्स को वहां गेम कंट्रोल करना होगा. अगर यह बहुत ज्यादा हो रहा है या फिर यह खेल पर असर डाल रहा है तो आपको इसे स्टैंडर्ड स्तर पर लगाना ही होगा.'
शेन वॉर्न भी अपने पूर्व साथी की बात से सहमत दिखे. उनका भी मानना था कि पंत को विकेट के पीछे बोलने का अधिकार है लेकिन तब नहीं, जब बोलर अपने रनअप पर हो. वॉर्न ने कहा,
'मैं कुछ हद तक आपसे सहमत हूं. मुझे पंत द्वारा अपने साथियों का हौसला बढ़ाने से दिक्कत नहीं है और उनके चेहरे पर एक हंसी भी रहती है, वह बल्लेबाजों के आसपास अपने साथियों के साथ हंसी-मजाक कर रहे हैं. लेकिन अगर बोलर अपने रनअप पर भागता हुआ आ रहा है, तो इस वक्त उन्हें चुप रहना चाहिए जिससे बल्लेबाज अपना ध्यान लगा पाए.'
गौरतलब है कि फ्रेंडली नोट पर शुरू हुई यह सीरीज अब शुद्ध भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज जैसी हो गई है. सिडनी टेस्ट में चीजें काफी बिगड़ गई थीं जिसके बाद ऑस्ट्रेलियन कैप्टन टिम पेन ने माफी भी मांगी.