हार्दिक पंड्या का टीम में आना टेस्ट क्रिकेट के लिए दुख भरी बात है
इंग्लैण्ड टीम इंडिया आ रही है. टेस्ट सीरीज़ शुरू होने वाली है.
Advertisement

फोटो - thelallantop
इंग्लैण्ड टूर पे आ रही है. ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. बहुत पहले ये लोग आये थे. कह रहे थे व्यापार करेंगे. लगभग 200 साल राज किया. इसी बीच एक अच्छी चीज हुई थी. हमें क्रिकेट मिला. अब जो लोग आ रहे हैं वो क्रिकेट खेलने आ रहे हैं. इन 200 सालों की चोट ऐसी है कि जब अंग्रेज आते हैं तो उनके आने की टिकट से पहले उनके जाने की टिकट करवाई जाती है. सीरीज़ शुरू हो रही है. टेस्ट सीरीज़. 9 नवंबर से शुरू हो रही है. 20 दिसंबर तक चलेगी. टीम अनाउंस हुई. टीम में जो लोग हैं, वो हैं - विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, इशांत शर्मा, चेतेश्वर पुजारा, गौतम गंभीर, जयंत यादव, अमित मिश्रा, आर अश्विन, रविन्द्र जड़ेजा, रिद्धिमान साहा, करुण नायर, मुरली विजय , मोहम्मद शमी, उमेश यादव और हार्दिक पंड्या. जी हां, हार्दिक पंड्या. वही हार्दिक पंड्या जिसने 4 वन-डे मैच खेले हैं. 16 टी-20 मैच खेले हैं. वन-डे में 45 रन बनाये हैं और 4 विकेट लिए हैं. टी-20 में 78 रन और 15 विकेट. कपिल देव ने काफी अरसा पहले एक बात कही थी. "टेस्ट मैच पूरी तरह से एक दूसरा ही खेल होता है. कई प्लेयर्स कई प्लेयर्स को वन-डे मैचों में अच्छा खेलते हैं, टेस्ट मैच में बहुत ही बकवास खेल सकते हैं." अब आंखें बंद कीजिये और हार्दिक पंड्या को सफ़ेद कमीज और लोवर पहने, नीली टोपी लगाये मैदान में देखिये. ये कॉम्बिनेशन उतना ही अखरेगा जितना चाउमीन के साथ लस्सी पीना. धोनी के बारे में कहा जा रहा है कि वो अगले वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार कर रहे हैं. लिहाज़ा केदार जाधव, हार्दिक पंड्या, जयंत यादव की टीम में जगह समझ में आती है. उन्हें टीम में होना भो चाहिए. मगर टेस्ट क्रिकेट एक पूरी तरह से अलग गेम है. यहां सिर्फ 5 या दस ओवर नहीं फेंकने होते. यहां 5 दिन निकालने होते हैं. लड़ाई लड़नी होती है. आप खुद से भी उतना ही लड़ रहे होते हैं जितना सामने वाली टीम से. यहां बात आती है आप कितने मेच्योर हैं. हार्दिक पंड्या उस कदर मेच्योर नहीं हैं. उन्हें देखकर वो सुकून नहीं मिल सकता जो एक टेस्ट प्लेयर से चाहिए होता है. टेस्ट मैच के लिए सबसे पहले ध्यान उन सभी की ओर जाता है जो पिचों पर ब्रॉड, स्टुअर्ट फिन, मोइन अली को घंटों पसीना बहाते हुए झेल ले जायें. वन-डे मैचों में हमने देखा है कि किस गरमी से धोनी उन्हें ओवरों के बीच में ज्ञान देते हुए मिलते हैं. उन्हें बेहद गर्म अंदाज़ में बात बताई जा रही थी. ये साफ़ दिख रहा था कि धोनी की बार-बार कही किसी बात को पंड्या वैसा नहीं कर रहे थे. और हम उस प्लेयर को टेस्ट टीम में लेकर आ गए हैं? ये कोई मज़ाक है क्या? माना कि पंड्या सीख रहे हैं. जल्दी सीख लेते हैं. लेकिन बात इसी बात पर आकर अटक जाती है कि वो अभी सीख रहे हैं. इंग्लैण्ड के सामने हम एक ऐसे नौसिखिये को लेकर आ गए हैं जो अभी सीख रहा है. वो इंग्लैंड जो बांग्लादेश से मिली हार को भुलाने के लिए हर ज़रूरी कोशिश करेगी. और उनके सामने हार्दिक पंड्या खेलेंगे. एक बार फिर पूछना चाहूंगा - ये कोई मज़ाक है क्या? टेस्ट मैच वो विधा है जिसमें सुरेश रैना नहीं जम पाए. गौतम गंभीर वापस आने को स्ट्रगल कर रहे हैं. वो भी तब आये हैं जब उन्होंने दिलीप ट्रॉफी में तोपें मारीं. और हार्दिक पंड्या अपने टी-20 रिकॉर्ड के बूते पर टीम में अपनी नेम स्लिप चिपका चुके हैं. ये वही टीम है जिसमें कभी लक्ष्मण, द्रविड़, सचिन, सहवाग, गांगुली खेलते थे. आज उसी टीम की मशाल कैरी करने को जिन लोगों का चयन हुआ है उसमें एक नाम है हार्दिक पंड्या. कमाल है! गाना याद आता है. "देस मेरा रंगरेज ये बाबू, घाट-घाट यहां घटता जादू!" ये जादू ही है. जादू से कम कुछ भी नहीं. एक मज़ाक है. क्रिकेट के साथ. टेस्ट क्रिकेट के साथ. और ये मज़ाक एक ऐसे समय में हुआ है जब टेस्ट क्रिकेट को जिलाए रखने की कवायद की जा रही है. टेस्ट चैंपियनशिप की बातें की जा रही हैं. टेस्ट मैच को रात में करवाया जा रहा है जिससे उसे और भी आंखें मिलें. मगर ये एक्सपेरिमेंट उस टेस्ट मैच की क्वालिटी से खिलवाड़ कर रहा है. क्वांटिटी का ठीक है, मगर क्वालिटी से जितना कम कॉम्प्रोमाइज़ हो उतना अच्छा. और यहीं एक बड़ी चूक हो रही है.
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement
Advertisement















.webp?width=120)
.webp?width=120)




