इंग्लैंड के दिग्गज क्रिकेटर और कॉमेंटेटर ज्यॉफ्री बॉयकॉट (Geoffrey Boycott) एक बार फिर गले के कैंसर से जूझ रहे हैं. वो करीब 22 साल पहले भी इस बीमारी के शिकार हुए थे. हालांकि, इलाज के बाद वो इससे रिकवर हो गए थे. 83 साल के बॉयकॉट ने खुद अपनी इस बीमारी के बारे में जानकारी दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉयकॉट का ऑपरेशन दो हफ्ते बाद हो सकता है.
इस दिग्गज क्रिकेटर को फिर से हुआ कैंसर, गांगुली को 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' कहा था
Geoffrey Boycott एक बार फिर गले के कैंसर से जूझ रहे हैं. वो करीब 22 साल पहले भी इस बीमारी के शिकार हुए थे.


बॉयकाट के मुताबिक, उन्हें उम्मीद है कि रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी से बचा जा सकेगा. बॉयकॉट ने द टेलीग्राफ को बताया,
“पिछले कुछ हफ्तों में मेरे MRI स्कैन, CT स्कैन, PET स्कैन और दो बायोप्सी हो चुके हैं. इससे पता चला है कि मुझे गले का कैंसर है और ऑपरेशन की जरूरत है. कैंसर को दूसरी बार हराने के लिए बेहतरीन इलाज और थोड़े बहुत भाग्य की जरूरत होगी. हर एक कैंसर से पीड़ित व्यक्ति जानता है कि उसे कैंसर के वापस आने की आशंका के साथ जीना होता है. इसलिए मैं बस अपना काम करता रहूंगा और उम्मीद करूंगा कि सब सही रहे.”
इससे पहले साल 2002 में भी दिग्गज क्रिकेटर को कैंसर से जंग लड़नी पड़ी थी. हालांकि, तब 62 साल के ज्यॉफ्री बॉयकॉट ने इस बीमारी से जंग जीत ली थी. इस दौरान उन्होंने 35 कीमोथेरेपी सेशंस लिए थे. दिग्गज क्रिकेटर को तत्काल इलाज के बिना महज तीन महीने जीने तक वक्त दिया गया था. हालांकि, अपनी पत्नी राचेल और बेटी एम्मा की मदद से वो स्वस्थ होकर वापस लौटे थे.
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किताब में किया था जिक्रउस दौरान हुई बीमारी का जिक्र बॉयकॉट ने किताब 'द कॉरिडोर ऑफ सरटेनिटी' में किया था. जिसमें बॉयकॉट ने लिखा था,
शानदार क्रिकेट करियर“तीन महीने जीने का समय दिया जाना वाकई में हैरान करने वाला था. मैं कभी नहीं जान पाऊंगा कि मैं अभी भी जिंदा क्यों हूं. केवल एक चीज जो मुझे निश्चित रूप से पता है, वह यह है कि अगर मेरी पत्नी राचेल मेरे साथ न होतीं तो मैं बच नहीं पाता.”
इंग्लैंड के महान बल्लेबाज ज्यॉफ्री बॉयकॉट ने अपने करियर में 108 टेस्ट मैच खेले. जिनमें उनके नाम 47.72 की औसत से कुल 8114 रन रहे. टेस्ट में बॉयकॉट के नाम 22 शतक रहे. वहीं, बॉयकॉट ने वनडे में 36 मुकाबले खेले. जिनमें उन्होंने 36.06 की औसत से 1082 रन बनाए. उनका फर्स्ट क्लास करियर तो काफी शानदार रहा. बॉयकॉट ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 609 मुकाबले खेले, जिनमें उन्होंने 151 शतक के साथ कुल 48,426 रन ठोके.
दादा को 'प्रिंस ऑफ कोलकाता' की उपाधि दी थीज्यॉफ्री बॉयकॉट ने सौरव गांगुली को ‘प्रिंस ऑफ कलकत्ता' की उपाधि दी थी. भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई टेस्ट सीरीज में लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान सौरव गांगुली और बॉयकॉट एक साथ मैच देखते नजर आए थे. जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी. फैन्स को गांगुली और बॉयकॉट की फोटो बेहद पसंद आई थी.
ज्यॉफ्री कॉमेंट्री के दौरान अपने तल्ख अंदाज को लेकर भी काफी मशहूर रहे हैं. साल 2019 में इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान को वनडे सीरीज में 4-0 से मात दी थी. इस सीरीज़ में पाकिस्तान की फील्डिंग बहुत खराब रही थी. ऐसे में बॉयकॉट ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवे वन-डे मैच से पहले पाकिस्तान टीम को लताड़ा था. उन्होंने कहा था कि वो 78 साल के हैं और अभी भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से बेहतर फील्डिंग कर सकते हैं.
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