The Lallantop

लॉन बॉल्स वाली लड़कियों ने बताया- एमएस धोनी ने कैसे बढ़ाया हौसला!

इंडिया के गोल्ड मेडल में किस तरह शामिल हैं धोनी?

Advertisement
post-main-image
एमएस धोनी, लॉन बॉल्स. फोटो: File Photo/Twitter

Lawn Bowls. एक ऐसा खेल, जिसके बारे में मंगलवार, 2 अगस्त को आए कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल से पहले कम ही लोग परिचित थे. लेकिन अब इस खेल को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. मंगलवार को लवली चौबे, पिंकी, नयनमोनी सैकिया और रूपा रानी तिर्की ने भारत को लॉन बॉल्स का गोल्ड मेडल दिला दिया है. इस गेम में ये भारत का पहला मेडल है.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

इस मुकाबले की चर्चा खूब हो रही है. और इस चर्चा में लवली चौबे का एक बयान भी शामिल है. लवली ने बताया है कि जब वो भारत के लिए मेडल लाने की तैयारी में लगी थीं, तब टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी वहां आते थे. इतना ही नहीं वो लवली के कोच को भी अच्छे से पहचानते हैं. धोनी ने उन्हें ये भी बताया था कि वो लगातार लॉन बॉल खेलते हैं.

# Lawn Bowls Dhoni

अपने सेमीफाइनल मुकाबले के बाद लवली चौबे ने PTI से खास बातचीत में बताया,

Advertisement

'धोनी सर, रांची में हमारे कोच को पहचानते हैं. एमएस धोनी सर हमारे प्रैक्टिस एरिया में हमसे मिलने के लिए दो बार आए भी हैं. जहां हम ट्रेनिंग करते हैं, उसके पास ही देवड़ी माता का मंदिर है, वो जब भी वहां जाते तो वो हमसे मिलने भी आते थे. हमने इस खेल के बारे में भी उनसे बात की है. उन्होंने तब बताया था कि वो जब भी ऑस्ट्रेलिया में होते हैं, तो ये खेल खेलने जाते हैं.'

लवली ने धोनी वाले क़िस्से के अलावा ये भी बताया कि आखिर कैसे वो एथलेटिक्स छोड़ लॉन बॉल्स की तरफ चली गईं. उन्होंने बताया कि एक बार एक नेशनल इवेंट में 70,000 रुपये कमाने के बाद उन्होंने तय कर लिया कि वो लॉन बॉल्स ही खेलेंगी. हालांकि उन्होंने ये भी शिकायत दर्ज कराई कि अब भी भारत में इस खेल के लिए सुविधाएं ना के बराबर हैं.

उन्होंने कहा,

Advertisement

'मैं 2008 में एथलेटिक्स छोड़ने के बाद लॉन बॉल्स की तरफ आई. मैंने एक नेशनल इवेंट के दौरान 70,000 रुपये कमाए और खुद से ही कहा कि मैं इसी खेल में आगे जाऊंगी. इस खेल के लिए जो गेंद इस्तेमाल की जाती है, वो भारत में नहीं बनती. उन्हें ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से मंगाया जाता है. भारत में इसकी सुविधाएं न के बराबर हैं. उम्मीद करती हूं कि इस मेडल के बाद ये बदलेंगी.'

CWG 2022 से पहले भारत ने कभी भी लॉन बॉल्स की किसी भी कैटेगरी में फाइनल के लिए क्वॉलिफाई भी नहीं किया था. लेकिन इस बार हमारी लॉन बॉल्स टीम ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है.

सिल्वर जीतने से पहले कैसे बीती सुशीला देवी की ज़िन्दगी?

Advertisement