इंडियन क्रिकेटर शिखर धवन को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दिल्ली के फैमिली कोर्ट ने उनकी एक्स वाइफ आइशा मुखर्जी को 5.7 करोड़ रुपये वापस लौटाने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि ये रकम एक्सटॉर्शन (जबरदस्ती वसूली), धोखाधड़ी और धमकियों के जरिए ली गई थी.
शिखर धवन को धमकाकर लिया पैसा... कोर्ट ने आइशा से कहा ब्याज सहित लौटाओ 5.7 करोड़ रुपये
पटियाला हाउस कोर्ट ने शिखर धवन और उनकी पूर्व पत्नी आइशा मुखर्जी के बीच हुए सभी समझौते रद्द कर दिए हैं. जज ने पाया कि धवन से ये समझौते धमकी, जबरदस्ती, ठगी, धोखाधड़ी और एक्सटॉर्शन के जरिए किए गए थे.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पटियाला हाउस कोर्ट के जज देवेंद्र कुमार गर्ग ने इस मामले में फैसला सुनाया. उन्होंने शिखर धवन और उनकी पूर्व पत्नी आइशा मुखर्जी के बीच हुए सभी सेटलमेंट (समझौते) को रद्द कर दिया. जज ने पाया कि धवन से ये समझौते धमकी, जबरदस्ती, ठगी, धोखाधड़ी और एक्सटॉर्शन के जरिए किए गए थे.
कोर्ट ने आइशा मुखर्जी को आदेश दिया है कि वो लगभग 5.7 करोड़ रुपये (AU$894,397) वापस लौटाएं. साथ ही, इस रकम पर 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा, वो भी उस तारीख से जब धवन ने केस दायर किया था.
जज ने ये भी साफ कहा कि ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट को इस मामले को सुलझाने का कोई अधिकार नहीं था.
ऑस्ट्रेलिया कोर्ट का फैसलाआइशा ऑस्ट्रेलिया की रहने वाली हैं. धवन से अलग होने के बाद 2021 से 2024 तक ऑस्ट्रेलिया के कोर्ट ने दोनों की प्रॉपर्टी बांटने के कई आदेश दिए. फरवरी 2024 में ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि आइशा को कुल संपत्ति का 15% हिस्सा मिलेगा. इसमें उन्हें लगभग 7.46 करोड़ रुपये की संपत्ति रखने की इजाजत दी गई. शिखर से अतिरिक्त 15.95 करोड़ रुपये मिले, और एक प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने का आदेश भी दिया गया. इसी दौरान एक प्रॉपर्टी की बिक्री से आइशा को करीब 5.7 करोड़ रुपये मिले थे.
शिखर ने दिल्ली कोर्ट में केस कियाशिखर ने दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में मामले को लेकर केस दायर किया था. धवन ने पटियाला हाउस कोर्ट में बताया कि उनकी शादी 2012 में हुई थी. शादी के कुछ ही समय बाद आइशा ने धमकी दी कि वो झूठी और बदनाम करने वाली बातें (फैब्रिकेटेड डिफेमेटरी मटेरियल) बनाकर फैला देंगी, जिससे उनकी इज्जत और क्रिकेट करियर पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा.
धवन का कहना है कि उन्होंने अपनी कमाई से प्रॉपर्टी खरीदी थी. लेकिन आइशा के दबाव में उन्हें मजबूरन उन प्रॉपर्टी को या तो दोनों के नाम पर, या पूरी तरह आइशा के नाम पर रजिस्टर करवाना पड़ा.
एक मामले में कोर्ट को बताया गया कि आइशा उस प्रॉपर्टी की 99% हिस्सेदार थीं, जो धवन ने खरीदी थी. सारे सबूतों को देखने के बाद जज गर्ग ने धवन की बात मान ली. और फैसला दिया कि धवन ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट के आदेशों से बंधे हुए नहीं है.
बता दें कि शिखर धवन और आइशा मुखर्जी की शादी 2012 में हुई थी. 2014 में उनके बेटे जोरावर का जन्म हुआ. लेकिन रिश्ता ठीक नहीं चला, और 2021 में दोनों अलग हो गए. 2023 में दिल्ली कोर्ट ने उनका तलाक मंजूर किया था. कोर्ट ने तब शिखर को बेटे से मिलने का हक दिया था, लेकिन बाद में आइशा ने उनसे पूरी तरह कॉन्टैक्ट काट दिया.
वीडियो: भारत-पाकिस्तान मैच पर शिखर धवन से सवाल पूछे जाने पर क्या जवाब मिला?


















