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बेन स्टोक्स: सबसे बड़े लूजर से सबसे बड़े विनर बनने की कहानी

बेन स्टोक्स (Ben Stokes) 2016 क्रिकेट वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2016) के फाइनल में लगातार 4 छक्के खाने के बाद टूट गए थे. वह काफी समय तक डिप्रेशन में रहे.

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टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में ब्रैथवेट ने स्टोक्स की गेंदों पर लगातार 4 छक्के लगाए थे. (फोटो- Getty Images)

वो बेन स्टोक्स (Ben Stokes) का दिन नहीं था. उस दिन बॉल वहां नहीं पड़ी, जहां वो डालना चाहते थे. जिस दिन आप मैदान पर फ्लॉप होते हैं, साधारण नजर आते हैं, उस दिन टैलेंट कितना भी हो मायने नहीं रखता. यॉर्कर फुल टॉस बन जाती है. तब कोई भी बैटर अच्छी खासी पिटाई कर सकता है. 

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शायद यही हुआ था बेन स्टोक्स के साथ. टी20 वर्ल्ड कप 2016 के फाइनल में. ऐसा लगा कि कार्लोस ब्रैथवेट (Carlos Brathwaite) उन्हीं का इंतजार कर रहे थे. वर्ल्ड कप फाइनल में लगातार 4 गेंद पर 4 छक्के. जीता हुआ फाइनल हाथ से निकल गया. बेन स्टोक्स टूट गए. ऐसा टूटे कि काफी वक्त लग गया वापसी करने में. लेकिन जब लौटे, तो छा गए. दुनिया के बेहतरीन ऑलराउंडर बने. विराट कोहली तक उनके मुरीद हो गए.

बेन स्टोक्स की गजब वापसी

साल 2016 में टी20 वर्ल्ड कप आयोजन भारत में हुआ. टूर्नामेंट के लिए 26 फरवरी 2016 को इंग्लैंड ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया. इस 15 मेंबर्स वाले स्क्वॉड में बेन स्टोक्स भी थे. उस समय वह 24 साल 267 दिन के थे.

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2016 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड का प्रदर्शन बढ़िया रहा. सुपर 10 में उसे सिर्फ वेस्टइंडीज के खिलाफ हार मिली. उसने साउथ अफ्रीका, अफगानिस्तान और श्रीलंका को हराकर सेमीफाइनल का टिकट कटाया. सेमीफाइनल में उसका मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ. इंग्लैंड ने वन साइडेड जीत दर्ज की.

अब फाइनल में उसका मुकाबला वेस्ट इंडीज से था. कैरेबियाई टीम में कई मैच विनर थे. क्रिस गेल, आंद्रे रसेल, ड्वैन ब्रावो और मार्लोन सैमुअल्स जैसे धाकड़ बैटर. जो चल जाता वही जिता देता.

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फाइनल में इंग्लैंड वर्सेज वेस्टइंडीज

तारीख 3 अप्रैल. दिन संडे. मैदान कोलकाता का ईडन गार्डन्स. कैरेबियाई कैप्टन डैरेन सैमी ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी. इंग्लैंड पर फाइनल का प्रेशर दिखा. पारी का आगाज करने आए जेशन रॉय खाता भी नहीं खोल पाए. एलेक्स हेल्स एक रन बनाकर आउट हुए. कप्तान ऑयन मोर्गन भी 6 रन बनाकर चलते बने. 

मिडिल ऑर्डर में जो रूट और जॉस बटलर ने संभाला. रूट ने सबसे ज्यादा 54 रन बनाए. बटलर ने अटैकिंग बैटिंग करते हुए 22 गेंद पर 36 रन स्कोर किए. इसके बाद, बेन स्टोक्स 13, क्रिस जॉर्डन ने 12 और डेविड विली ने तेज-तर्रार 21 रनों की पारी खेली. इंग्लिश टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 155 रन का स्कोर खड़ा किया.

विंडीज को मिला 156 रन का टारगेट

वेस्टइंडीज को मैच जीतने के लिए 156 रनों का टारगेट मिला. टीम में जिस तरह के फायरब्रांड बैटर थे, लगा वे आसानी से ट्रॉफी जीत लेंगे. लेकिन शुरुआत खराब रही. मोर्गन ने चालाकी दिखाई. पेसर लाते, तो मार खाते. इसलिए दूसरा ओवर जो रूट से फेंकवाया. रूट चल निकले. पहली ही गेंद पर जॉनसन चार्ल्स को आउट कर दिया. तीसरी गेंद पर क्रिस गेल का विकेट झटक लिया. रूट ने अपने पहले ओवर में 8 रन देकर 2 विकेट लिए. उन्होंने अपना काम कर दिया. यह फाइनल में उनका पहला और आखिरी ओवर रहा.

जब विंडीज के विकेट एक छोर पर गिर रहे थे, तो दूसरे एंड पर सैमुअल्स जमे रहे. उनके पास पहले से ही फाइनल में बैटिंग करने का अनुभव था. वह वर्ल्ड कप फाइनल के प्रेशर से भी वाकिफ थे. जब विंडीज ने 2012 में पहली बार टी20 वर्ल्ड कप जीता, तब सैमुअल्स हीरो थे. श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में उन्होंने 78 रन बनाए थे.

इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में सैमुअल्स का साथ निभाया ड्वैन ब्रावो ने. दोनों ने 69 गेंदों पर 75 रन की पार्टनरशिप लगाई. वेस्टइंडीज धीरे-धीरे वापसी की राह पर आया. सैमुअल्स चौकों की बारिश कर रहे थे. ब्रावो जब आउट हुए, तो उस वक्त टीम का स्कोर 4 विकेट पर 86 रन था. कैरेबियाई टीम उस वक्त फिर प्रेशर में आ गई, जब आंद्रे रसेल एक और कप्तान सैमी दो रन बनाकर आउट हो गए. उस वक्त 27 गेंदें बाकी थीं और वेस्टइंडीज के सिर्फ 4 विकेट सेफ थे.

डैरेन सैमी का विकेट गिरने के बाद कार्लोस ब्रैथवेट बल्लेबाजी करने आए. शुरुआत में उन्होंने अपने ऊपर कंट्रोल रखा. इस दौरान सैमुअल्स ने ज्यादातर गेंदें खेलीं. ब्रैथवेट को चांस मिलता, तो इक्का-दुक्का रन ले लेते. 15.4 ओवर से लेकर 19वें ओवर तक सिर्फ 3 चौके लगे, जिनमें 2 सैमअल्स ने मारे और एक ब्रैथवेट ने. अब 20वें ओवर में वेस्टइंडीज को मैच जीतने के लिए 6 गेंदों पर 19 रन बनाने थे. मैच इंग्लैंड की पकड़ में था. वहीं, सारा प्रेशर वेस्टइंडीज पर.

लास्ट ओवर में ब्रैथवेट ने पलट दी बाजी

वर्ल्ड कप फाइनल मैच हो. लास्ट ओवर की 6 गेंदों पर 19 रन बनाने हों. मतलब बॉलिंग कर रही टीम की जीत पक्की. ऐसे में ऑयन मोर्गन ने बेन स्टोक्स को गेंद थमा दी. उन्होंने इससे पहले 2 ओवर डाले थे, जिनमें 17 रन खर्च किए. मोर्गन के पास स्टोक्स के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

20वें ओवर की पहली गेंद. जो, हाफ-वॉली थी, लेग स्टंप के बाहर. ब्रैथवेट ने मौका ताड़ा. अपने आपको पोजीशन किया. अक्रॉस द लाइन जाकर डीप वैकवर्ड स्क्वायर लेग पर छक्का जड़ दिया. इस एक छक्के के जरिए वेस्टइंडीज मैच में वापस आ गया. अब 5 गेदों पर 13 रनों की दरकार थी. स्टोक्स की दूसरी गेंद. ब्रैथवेट ने वही किया जो पहली गेंद पर किया था. इस बार लॉन्ग ऑन के ऊपर से छक्का.

लगातार 2 छक्के खाने के बाद स्टोक्स प्रेशर में आ गए. अब 4 गेंदों पर 7 रन बनाने थे, यानी वेस्टइंडीज की जीत लगभग पक्की. नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े सैमुअल्स अपने साथी ब्रैथवेट के लिए चीयर कर रहे थे. स्टोक्स के ओवर की तीसरी गेंद. इस बार ब्रैथवेट ने लॉन्ग ऑफ के ऊपर से छक्का जड़ दिया. सिक्सेस की हैट्रिक. वह भी वर्ल्ड कप के फाइनल में.

ऐसा थ्रिलर मैच देखकर दर्शक स्टैंड्स में झूम उठे. अब वेस्टइंडीज को 3 गेंदों पर जीतने के लिए सिर्फ एक रन बनाना था. कुछ साथी खिलाड़ी बेन स्टोक्स के पास पहुंचे. उन्हें धीरज देने के लिए. स्टोक्स की चौथी गेंद. इस बार ब्रैथवेट ने डीप मिड विकेट के ऊपर गेंद को स्टैंड में 6 रनों के लिए पहुंचा दिया.

लगातार 4 गेंदों पर 4 छक्के लगाकर कार्लोस ब्रैथवेट ने इतिहास रच दिया. उनकी इस करिश्माई पारी के चलते वेस्टइंडीज दूसरी बार टी20 का चैंपियन बना. ग्राउंड पर बेन स्टोक्स टूट गए. साथी खिलाड़ियों ने उन्हें जाकर संभाला. लेकिन आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे. 

उधर कॉमेंट्री बॉक्स में इयान बिशप कह रहे थे, “कार्लोस ब्रैथवेट! रिमेंबर द नेम.” 

वेस्टइंडीज ने 2 गेंद शेष रहते हुए यह मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया. सैमुअल्स एक बार फिर फाइनल मैच के हीरो रहे. उन्होंने 66 गेंद पर नॉट आउट 85 रन बनाए. इस बेशकीमती पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया.

स्टोक्स का मनोबल टूट गया

इस मैच के बाद बेन डिप्रेशन में चले गए. काफी समय तक उबर नहीं पाए. हालांकि, बाद में इस हार को उन्होंने अपने लिए मोटिवेशन बताया. उन्होंने एक बार 'द टेलीग्राफ' से बात करते हुए कहा था,

ऐसा लग रहा था जैसे पूरी दुनिया मुझ पर टूट पड़ी हो. मेरे दिमाग में कोई अच्छी बात नहीं आ रही थी. बस पूरी तरह से तबाही मची हुई थी. असफलताएं आपको फिर से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती हैं. यह बात मेरे दिमाग में काफी लंबे समय तक रहेगी. मैं इस पर लंबे समय तक सोचूंगा. ये सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसा दोबारा न हो.

वापसी कर दो बार इंग्लैंड वर्ल्ड कप जिताया

समय किसी का नहीं. उसका भी नहीं जिसका उस समय होता है. और उसका हो सकता है जिसका कभी नहीं रहा. सो बेन स्टोक्स के लिए भी समय का पहिया घूमा. अगला मिशन 50 ओवर का वर्ल्ड कप था. 2019 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने जो कुछ किया, उसकी लंबे समय तक मिसाल दी जाएगी. 14 जुलाई 2019 को लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में स्टोक्स ने इतिहास रच दिया. उन्होंने नॉट आउट 84 रन बनाए. यह क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक वर्ल्ड कप फाइनल रहा, जो 50 ओवर के बाद टाई रहा. इसके बाद सुपर ओवर हुआ उसमें भी टाई रहा. बाद में, बाउंड्री काउंट के आधार पर इंग्लैंड को चैंपियन घोषित किया गया. बेन स्टोक्स को ऐतिहासिक पारी खेलने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया.

2022 में जिताया टी20 वर्ल्ड कप

समय बेन स्टोक्स को गले लगा चुका था. सफलता का कारवां नहीं रुका. 2022 में टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने फिर छाप छोड़ी. मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मुकाबले में एक बार फिर उन्होंने इंग्लैंड को जिताया. इस मैच में बेन स्टोक्स ने विषम परिस्थितियों में धैर्यपूर्ण पारी खेली. उनकी यही इनिंग्स मैच जिताऊ साबित हुई. फाइनल मुकाबले में स्टोक्स ने 49 गेंदों पर नॉट आउट 52 रन बनाए थे. उनके लिए यह दूसरा मौका था जब फाइनल में इंग्लैंड के लिए यादगार पारी खेली. इंग्लैंड इस मैच में 138 रनों के टारगेट का पीछा कर रहा था.

धांसू ऑलराउंडर हैं स्टोक्स

मौजूदा समय में बेन स्टोक्स सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं. वह इंग्लैंड के लिए 120 टेस्ट खेल चुके हैं, जिनमें 7216 रन बनाने के अलावा 245 विकेट भी लिए हैं. टेस्ट में उनके नाम 14 शतक दर्ज हैं. वहीं, 114 वनडे में स्टोक्स ने 3463 रन बनाने के अलावा 74 विकेट लिए हैं. 

एकदिवसीय क्रिकेट में उन्होंने 5 शतक जड़े हैं. स्टोक्स अब टी20 इंटरनेशनल में नहीं खेलते हैं. लेकिन इस फॉर्मेट में उन्होंने 585 रन बनाने के अलावा 26 विकेट लिए हैं. 

आंकड़े देखने पर तो बेन स्टोक्स कहीं से महान खिलाड़ी नहीं लगते. लेकिन महानता आंकड़ों की बपौती नहीं. और महान कतई जरूरी नहीं. कुछ लोगों को दुनिया सिर्फ उनके जुनून, संघर्ष और जीतने की जिद के लिए याद करती है. बेन स्टोक्स वैसी ही शख्सियत वाले क्रिकेटर हैं और ये पर्याप्त है.

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