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एक झटके में चांदी 26 हजार रुपये लुढ़की, सोना 4500 रुपये क्यों फिसला?

MCX ने सोना और चांदी फ्यूचर्स पर अतिरिक्त मार्जिन लगाया है. 5 फरवरी 2026 से चांदी पर 4.5% और सोने पर 1% अतिरिक्त मार्जिन लागू हुआ है

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MCX ने सोना और चांदी फ्यूचर्स पर अतिरिक्त मार्जिन लगाया है (फोटो क्रेडिट: Business Today)

गुरुवार 5 फरवरी को कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर सोना-चांदी के वायदा  में सुबह से भारी गिरावट आ गई. इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर के मुताबिक 5 फरवरी शुरुआती कारोबार में 5 मार्च 2026 डिलीवरी वाली MCX चांदी का वायदा भाव  लगभग 10% गिरकर 25,844 रुपये टूटते हुए करीब 2 लाख 43 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. वहीं 2 अप्रैल 2026 में डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 4,591 यानी करीब 3% गिरकर 1 लाख 48 हजार 450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया.

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में, स्पॉट चांदी गुरुवार को एक समय 16.6% तक गिर गई. हालांकि एशियाई ट्रेडिंग के शुरुआती दौर में यह कुछ समय के लिए $90 प्रति औंस से ऊपर गई थी. वहीं स्पॉट गोल्ड भी उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 3.5% तक फिसल गया.

क्यों लुढ़के सोना-चांदी?

 इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर में बताया गया है कि MCX ने सोना और चांदी फ्यूचर्स पर अतिरिक्त मार्जिन लगाया है. 5 फरवरी 2026 से चांदी पर 4.5% और सोने पर 1% अतिरिक्त मार्जिन लागू हुआ है. इसके अलावा 6 फरवरी 2026 से चांदी पर 2.5% और सोने पर 2% अतिरिक्त मार्जिन और जोड़ा जाएगा. इस तरह कुल अतिरिक्त मार्जिन चांदी पर 7% और सोने पर 3% हो जाएगा. इसके अलावा जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने की उम्मीद बनी है. 

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शुक्रवार 6 फरवरी को ओमान में होने वाली अमेरिका-ईरान वार्ता की खबरों से सुरक्षित निवेश की मांग घटी है. दोनों देशों के अधिकारियों ने बातचीत की पुष्टि की है. हालांकि कई अहम मतभेद अब भी बने हुए हैं. अमेरिका चाहता है कि वार्ता में ईरान का मिसाइल कार्यक्रम भी शामिल हो, जबकि तेहरान का कहना है कि बातचीत सिर्फ उसके परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहेगी. सोने-चांदी की कीमतों गिरावट की एक बड़ी वजह ये भी है कि पिछले महीने सोना और चांदी ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गए थे. ऐसे में बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी. जब बिकवाली बढ़ती है तो दाम तेजी से फिसलते हैं.

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CME पहले ही बढ़ा चुका है मार्जिन 

CME Group ने Comex Gold और Silver Futures पर मार्जिन बढ़ा दिया. इसका मतलब ट्रेडर्स को अब ज्यादा कैश ब्लॉक करना होगा. सट्टेबाजों को पोजीशन काटनी पड़ी. जब CME (Chicago Mercantile Exchange) किसी कमोडिटीके फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाता है, तो ट्रेडर्स को उसी कॉन्ट्रैक्ट के लिए पहले से ज्यादा कैश/गारंटी जमा करनी पड़ती है.

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