भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इन दिनों अपने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम को लेकर नए सिरे से सोच-विचार कर रहा है. इसकी सबसे बड़ी वजह टीम इंडिया के स्टार पेसर जसप्रीत बुमराह से जुड़ा एक मामला है. इसमें उनकी सैलरी में करीब 2 करोड़ रुपये का अंतर आ गया है.
BCCI को समझ आया बुमराह का कद, बड़े नुकसान की भरपाई करने को तैयार
BCCI को अब महसूस हो रहा है कि ये फैसला बुमराह जैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी के लिए सही नहीं था. इसी वजह से बोर्ड अब ऐसे विकल्प तलाश रहा है, जिससे बुमराह को इस नुकसान की भरपाई की जा सके.
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BCCI ने हाल ही में अपने 2025-26 के सालाना प्लेयर्स कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव किया था. पहले खिलाड़ियों को A+, A, B और C ग्रेड में रखा जाता था. A+ ग्रेड सबसे ऊपर होता था, जिसमें खिलाड़ियों को सालाना करीब 7 करोड़ रुपये मिलते थे. लेकिन इस बार बोर्ड ने A+ ग्रेड को पूरी तरह खत्म कर दिया.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिन खिलाड़ियों को लेकर बोर्ड यह सोच रहा है उसमें पेसर जसप्रीत बुमराह का नाम सबसे ऊपर है. बुमराह 2018-19 से लगातार A+ कैटेगरी का हिस्सा थे. लेकिन इस बार वह A कैटेगरी में हैं. पिछले सिस्टम के हिसाब से A+ कैटेगरी के खिलाड़ियों को 7 करोड़ रुपये मिलते थे. वहीं A कैटेगरी वाले प्लेयर्स को पांच करोड़ रुपये दिए जाते थे. पर BCCI ने अभी तक नए कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान नहीं किया है.
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A+ ग्रेड कैटेगरी उन खिलाड़ियों के लिए थी जो तीनों फॉर्मेट खेलते थे. अब तक रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा और बुमराह इस कैटेगरी में शामिल थे. हालांकि, बुमराह को छोड़कर बाकी तीनों ने T20 से संन्यास का ऐलान कर दिया है. इसी वजह से केवल बुमराह ही इस ब्रैकेट में बचे थे.
क्या है बोर्ड का प्लान?रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI को अब महसूस हो रहा है कि ये फैसला बुमराह जैसे लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी के लिए सही नहीं था. इसी वजह से बोर्ड अब ऐसे विकल्प तलाश रहा है, जिससे बुमराह को इस नुकसान की भरपाई की जा सके.
बुमराह तीनों फॉर्मेट खेलते हैं लेकिन फिर भी A ग्रेड में शामिल हैं. BCCI के सूत्र TOI को बताया,
''बोर्ड बुमराह को हुए नुकसान की भरपाई के लिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है. उनकी फीस को 5 करोड़ करना ठीक नहीं होगा. कई और खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें प्रदर्शन के बावजूद ग्रेडिंग सिस्टम में नीचे कर दिया गया है. इन प्लेयर्स के कॉन्टैक्ट्स में बदलाव किया जा सकता है.''
रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया है कि सिर्फ बुमराह नहीं, बल्कि कुछ और खिलाड़ियों पर भी इस बदलाव का असर पड़ा है. जैसे अक्षर पटेल को B ग्रेड में रखा गया है. जबकि उनका प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा है.
अब BCCI के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि वो खिलाड़ियों को उनकी परफॉर्मेंस के हिसाब से सही रिवॉर्ड कैसे दे. अगर बोर्ड इस सिस्टम में बदलाव करता है, तो आने वाले समय में खिलाड़ियों की सैलरी और कॉन्ट्रैक्ट का पूरा ढांचा बदल सकता है.
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