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IPL में जूनियर प्लेयर्स के लिए बदले रूल्स, वैभव सूर्यवंशी का क्या होगा?

कम उम्र के प्लेयर्स के लिए BCCI ने IPL में अपने रूल्स बदल दिए हैं. इसके बाद ए‍क बार फिर Rajasthan Royals के Vaibhav Sooryavashi की इंटरनेट पर खूब चर्चा हो रही है. पहले कोई भी टैलेंटेड प्लेयर IPL खेल सकता था, पर अब बोर्ड ने इसके लिए शर्त रख दी है.

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वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2025 में गुजरात टाइटंस के ख‍ि‍लाफ सेंचुरी लगाई थी. (फोटो-PTI)

अब IPL में कोई भी प्लेयर गली से उठकर सीधा स्टार नहीं बन सकेगा. BCCI ने IPL में यंगस्टर्स की एंट्री के रूल्स बदल दिए हैं. 28 सितंबर, 2025 को हुई एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में बोर्ड ने ये फैसला किया है. इसके अनुसार, अब IPL में एंट्री के लिए अंडर-19 या अंडर-16 प्लेयर्स को कम से कम एक फर्स्ट क्लास मैच का अनुभव जरूरी होगा. याना अगली बार से जिस प्लेयर ने एक फर्स्ट क्लास मैच खेला होगा, वही अब IPL खेल पाएगा. बोर्ड के इस फैसले के बाद एक बार फिर IPL के सबसे यंग प्लेयर, 14 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) चर्चा में आ गए हैं.

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क्या है BCCI का नया नियम?

BCCI के इस नए रूल से पहले अब कोई भी टैलेंटेड प्लेयर IPL में खेल सकता था. लेकिन, अब बोर्ड ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्लेयर को अगर IPL खेलना है तो उसे अंडर-19 या फिर अंडर-16 का एक फर्स्ट क्लास मैच खेलना ही होगा. इससे पहले, अगर किसी प्लेयर को IPL खेलना होता था तो उसे बस डोमेस्टिक का अनुभव होना चाहिए था. ऐसे में फ्रेंचाइज फिर खिलाड़ी को चुनने के लिए ट्रायल्स लेती थी.

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वैभव हैं IPL के सबसे यंग प्लेयर

राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव सूर्यवंशी IPL 2025 में टूर्नामेंट के इतिहास के सबसे कम उम्र में साइन होने वाले बैटर बने थे. उन्हें राजस्थान ने 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा था. राजस्थान ने जब उन्हें लिया था, तब वो 13 साल और 243 दिन के थे. हालांकि, अपने डेब्यू सीजन में ही वैभव ने गुजरात टाइटंस के खि‍लाफ बतौर इंडियन IPL की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी जड़कर इतिहास रच दिया था. यही कारण है कि जैसे ही यंगस्टर्स को लेकर ये नया रूल बना है, फैंस के जेहन में वैभव का नाम आ गया है. सूर्यवंशी के अलावा और भी कई अंडर-19 प्लेयर्स हैं, जिन्होंने पिछले सीजन आईपीएल में हिस्सा लिया था. इनमें आयुष म्हात्रे, आंद्रे सिद्धार्थ, मुशीर खान, स्वास्तिक चिकारा और क्वेना मफाका का नाम शामिल है.

फैंस क्यों कर रहे फैसले की तारीफ?

BCCI के इस फैसले से क्रिकेट फैंस बहुत खुश हैं. सोशल मीडिया पर लोग बोर्ड के इस कदम की जमकर तारीफ कर रहे हैं. फैंस का कहना है कि इससे यंगस्टर्स को सिर्फ नाम नहीं, बल्कि असली अनुभव भी मिलेगा. उनका मानना है कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने से उनकी नींव मजबूत होगी, जो आगे चलकर देश की क्रिकेट के लिए फायदेमंद होगा.

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