66 गेंदें 115 रन. इंग्लिश बैटर कैलब फाल्कनर अकेले 412 रनों का पहाड़ चढ़ने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन, सवाल था कब तक. 41वें ओवर में उनका धैर्य जवाब दे गया. कनिष्क चौहान की गेंद पर उन्होंने हटकर पॉइंट की दिशा में कट शॉट लगाया. खिलान पटेल भी तैयार थे. शानदार डाइव लगाकर उन्होंने गेंद को लपक लिया.
6 साल की उम्र से हर दिन खेलने के लिए करते थे 160 किलोमीटर ट्रैवल, अब भारत को बनाया U19 वर्ल्ड चैंपियन
आयुष म्हात्रे (Ayush Mhatre) ने आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया. वह यह रिकॉर्ड बनाने वाले छठे भारतीय कप्तान हैं.


लेकिन, ये सिर्फ एक कैच नहीं था. ये अंडर-19 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी थी. भारत छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन बन गया. इसी के साथ कप्तान आयुष म्हात्रे उस एलीट लिस्ट में शामिल हो गए, जिसमें विराट कोहली, मोहम्मद कैफ, उनमुक्त चंद, पृथ्वी शॉ और यश ढुल शामिल हैं. भारत को अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाला कैप्टंसी क्लब.
फाइनल में वैभव सूर्यवंशी के साथ 142 रनों की पार्टनरशिप कर 400+ के स्कोर का नींव रखने वाले कप्तान आयुष के लिए क्रिकेटर बनना आसान नहीं था. उन्होंने काफी स्ट्रगल किया. उनका सपना सच करने में फैमिली ने काफी सहयोग दिया. चलिए, उनके सफर के बारे में बताते हैं.
आयुष म्हात्रे का जन्म 16 जुलाई 2007 को मुंबई के विरार इलाके में हुआ. मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखने वाले आयुष जब ढाई साल के थे, तब वह प्लास्टिक बैट से खेलने लगे. उनके पिता गेंद फेंकते और वह बैटिंग करते. इस बीच, उन्होंने एक गेंद को इतने शानदार तरीके से मिडिल किया कि वो उनके बंगले के पास खड़े पेड़ों के झुंड के पार जाकर किसी के घर में गिरी. यह शॉट देखकर उनके पिता, चाचा और दादा हैरान रह गए. उस दिन से क्रिकेट आयुष की जिंदगी अहम हिस्सा बन गया. वह समंदर के किनारे बीच पर गेंद साथ लेकर जाते थे. जब वह 2012 में 5 साल के हुए, तब उनके पिता योगेश ने उन्हें विरार की एक लोकल एकेडमी में दाखिला दिला दिया.
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पिता चाहते थे बेटा आगे बढ़ेलोकल एकेडमी में उनके खेल से सभी प्रभावित थे. पिता योगेश म्हात्रे चाहते थे कि उनके बेटे को एक्सपोजर मिले. इसलिए उन्होंने साउथ मुंबई जाने का सोचा. दिलीप वेंगसरकर की एकेडमी में संपर्क किया तो कहा गया, जब बेटा 8 साल का हो जाए तब लेकर आना. लेकिन, योगेश ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने एक कोच से कहा कि इस बच्चे को देख लीजिए. यह काफी टैलेंटेड और अलग टाइप का है. कोच राजी हो गए. कोच के सामने आयुष ने गेंद को बेहतरीन तरीके से मिडिल किया. सेलेक्शन के हर ट्रायल को पास किया.
ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, आयुष जब 6 साल के थे, तब उन्होंने वेंगसरकर एकेडमी में अंडर-12 मैच खेला. उन्होंने पारी की शुरुआत की और आखिरी में आउट हुए. उनकी टीम ने 107 रन बनाए, जिनमें 67 रन आयुष के थे. जिसके बाद आयुष को दिलीप वेंगसरकर के सामने लाया गया, जिन्होंने मैच देखा था. उन्होंने योगेश से कहा, इसको एकेडमी में छोड़ो और भूल जाओ.
रोज करना पड़ता 160 किमी सफरआयुष म्हात्रे विरार में जिस जगह रहते थे, वहां से वेंगसरकर एकेडमी 80 किमी दूर थी. आयुष को रोज वहां लेकर कौन जाएगा? यह बड़ा सवाल था. ऐसे में उनके नाना आगे आए, जो रिटायर हो चुके थे. आयुष अपने नाना के साथ रोज विरार से चर्च गेट लोकल ट्रेन से सफर करने लगे. वह रोज सुबह 5 बजे उठते और रात 8 बजे घर पहुंचते. वह इस थकान से कभी परेशान नहीं हुए. पिता ने पूरी छूट दी और क्रिकेट पर फोकस करने के लिए कहा. कुछ समय बाद वह एक स्कूल में शिफ्ट हो गए, जिससे उनका सफर आसान हो सके. जिस रिजवी कॉलेज में वह शिफ्ट हुए, वहीं से रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और शार्दुल ठाकुर जैसे खिलाड़ी निकले.
प्रशांत शेट्टी ने बैटिंग पर काम कियाआयुष, वेंगसरकर एकेडमी में तेजी से सीख रहे थे. उन्होंने वहां पर 3 दोहरे शतक लगाए. इसके बाद उनकी मुलाकात प्रशांत शेट्टी से हुई, जो MIG क्लब से हैं. उन्होंने आयुष की बैट स्विंग पर काम किया. प्रशांत का मानना था कि उनकी तकनीक में ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं थी. इसके बाद, म्हात्रे लगातार आगे बढ़ते गए. उन्होंने अक्टूबर 2024 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया. रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ पहली पारी में 19 और दूसरी इनिंग्स में 14 रन बनाए. लिस्ट ए क्रिकेट में उन्होंने दिसंबर 2024 में डेब्यू किया और कर्नाटक के खिलाफ 78 रन स्कोर किए.
आईपीएल में एंट्रीआयुष ने आईपीएल 2025 में रजिस्ट्रेशन कराया. लेकिन, ऑक्शन में उन पर किसी फ्रेंचाइजी ने बोली नहीं लगाई. इसके बाद जब चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ इंजर्ड होकर टूर्नामेंट से बाहर हुए, तब उन्हें रिप्लेसमेंट के तौर पर सीएसके में मौका मिला. बीते सीजन उन्होंने आईपीएल में 7 मैच खेले और 240 रन बनाए. इस दौरान उनका हाईएस्ट स्कोर 94 रन रहा. ये 94 रन उन्होंने आरसीबी के खिलाफ 48 गेंदों पर बनाए थे. बीते एक साल में देखा जाए, तो उनकी डोमेस्टिक क्रिकेट में परफॉर्मेंस लाजवाब रही.
U-19 वर्ल्ड कप जीतकर रचा इतिहासआयुष म्हात्रे ने 6 फरवरी को अपनी कैप्टेंसी में अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया. यह कीर्तिमान बनाने वाले वह भारत के सिर्फ छठे कप्तान हैं. साल 2000 में मोहम्मद कैफ की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को हराकर पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था. साल 2008 में विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया ने फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर खिताब जीता. 2012 में उन्मुक्त चंद की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को फाइनल में पटखनी देकर ट्रॉफी जीती. साल 2018 में पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर चौथी बार टाइटल जीता. 2022 में यश धुल की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को फाइनल में हराया. वहीं, 2026 में आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को फाइनल में 100 रनों से हराकर छठी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया.
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