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'उसे कुछ साबित करने की जरूरत नहीं', अश्विन ने कोहली को किया बैक

RCB पॉडकास्ट में कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बात की थी. उन्होंने कहा कि वो खेलना चाहते हैं, और इसीलिए इतनी मेहनत करते हैं.

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अश्विन के मुताबिक जब खिलाड़ी मैच्योर हो जाता है, तो उसे इस बात का अंदाजा होता है कि लड़ाई खुद से होती है, किसी और से नहीं. (Photo-BCCI)

विराट कोहली ने हाल ही में अपने फैंस को यह गुडन्यूज देकर खुश कर दिया कि 2027 वर्ल्ड कप पर उनकी नजर टिकी है. उन्होंने साफ कहा कि वह किसी और के लिए नहीं, अपने लिए यह करना चाहते हैं. कोहली के इस बयान को उनके साथी प्लेयर अश्विन का साथ मिला है. अश्विन को लगता है कि कोहली को कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है.

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कोहली का बयान हुआ वायरल

RCB पॉडकास्ट में कोहली ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बात की. उन्होंने कहा कि वो खेलना चाहते हैं, और इसीलिए इतनी मेहनत करते हैं. उन्होंने कहा, 

या तो पहले दिन बता दीजिए कि मैं अच्छा नहीं हूं, या मेरी जरूरत नहीं है. लेकिन अगर मुझे लगातार यह महसूस कराया जाए कि मुझे हर समय अपनी अहमियत साबित करनी है, तो मैं उस मानसिक स्थिति में नहीं हूं. 

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अश्विन ने कोहली को किया बैक 

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर माना कि विराट अपने करियर में इतना कुछ कर चुके हैं कि, उन्हें खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है. अश्विन ने विराट का सपोर्ट करते हुए कहा, 

विराट ने बिल्कुल सही बात कही. मुझे भी ऐसा ही लगा था. साबित करने के लिए कुछ बचा ही नहीं था. इतने सालों तक खेलने और भारत के लिए इतने मैच जीतने के बाद भी क्या उन्हें खुद को साबित करने की ज़रूरत है?

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अश्विन के मुताबिक जब खिलाड़ी मैच्योर हो जाता है, तो उसे इस बात का अंदाजा होता है कि लड़ाई खुद से होती है, किसी और से नहीं. उन्होंने कहा,

बाहर से लोग जो कहते हैं, वह तो बस उनका काम है. जब आप युवा होते हैं, तो अक्सर यह कहने की तीव्र इच्छा होती है कि, 'मैं तुम्हें गलत साबित कर दूंगा.' लेकिन मैच्यूरिटी और समझदारी तब आती है जब आपको एहसास होता है कि लड़ाई किसी और से नहीं, बल्कि खुद से है. जिस पल आपको यह एहसास होता है, जीवन बहुत आसान हो जाता है. मुझे लगता है कि विराट उस मुकाम पर पहुंच चुके हैं. पछतावे को पीछे छोड़ना आसान नहीं है.

बता दें कि अश्विन ने भी 2024 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. इसके बाद, साल 2025 में विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बयानों ने एक बार फिर यह चर्चा शुरू कर दी है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में लंबे समय तक बने रहने वाले प्लेयर्स को केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक दबाव से भी लगातार गुजरना पड़ता है.

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