पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का विवाद गहराता जा रहा है. ममता बनर्जी से बगावत करने वाले तीन मुस्लिम सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस फैसले का विरोध जताया है. वहीं इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने इस मामले को अदालत में ले जाने की बात कही है.
बंगाल में 1279 मस्जिदों के लाउडस्पीकर हटाए गए, TMC के बागी सांसद सीधा अमित शाह के पास पहुंच गए
पश्चिम बंगाल में मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने को लेकर TMC के बागी मुस्लिम सांसदों और विधायकों ने विरोध जताया है. ममता बनर्जी से बगावत करने वाले तीन मुस्लिम सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इस फैसले की शिकायत की. वहीं बागी विधायकों का ग्रुप 7 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलेगा.

बहरामपुर से सांसद युसूफ पठान, मुर्शिदाबाद से सांसद अबु ताहिर खान और जांगीपुर से सांसद खलिलुर रहमान ने 6 अगस्त को दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की. इस बैठक में उन्होंने बंगाल में मस्जिदों से जबरदस्ती लाउडस्पीकर उतारने के मुद्दे पर शुभेंदु सरकार का विरोध जताया.
मस्जिद में अजान नहीं तो क्या होगा?
मुर्शिदाबाद से सांसद अबु ताहिर खान ने बताया कि उन्होंने अमित शाह से मिलकर कहा कि अगर मुस्लिम कम्युनिटी के साथ कुछ होता है तो उन्हें बहुत दुख होगा. उन्होंने आगे कहा,
मस्जिद में अजान नहीं होगी तो क्या होगा? इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जो बोला है उसे मान्यता दी जाए. लेकिन मस्जिद से माइक उतारना अच्छा नहीं है. हमने गृह मंत्री से इस मामले को देखने की अपील की. गृह मंत्री ने इस मामले में आश्वासन दिया है.
खलीलुर रहमान, अबु ताहिर खान और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान ने संयुक्त रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र सौंपा. पत्र में उन्होंने लिखा,
वे देश के कानून और सुप्रीम कोर्ट द्वारा साउंड पॉल्यूशन कंट्रोल के लिए तय किए गए गाइडलाइंस का सम्मान करते हैं. लेकिन इन नियमों को बिना किसी भेदभाव के एक समान और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचे.
तृणमूल के बागी विधायक शुभेंदु अधिकारी से मिलेंगे
मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाए जाने के फैसले के विरोध में बागी मुस्लिम तृणमूल विधायकों का गुट 7 अगस्त को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मिलेगा. बागी गुट के विधायक अक्रुज्जामान ने बताया,
यह मैसेज मेरे पास भी आया है. यह दुखद है. हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है. सबको अपना धर्म मानने की आजादी है. कॉन्स्टिट्यूशन हमको यह लिबर्टी दिया है. 7 अगस्त को हमने इसको लेकर मुख्यमंत्री से टाइम मांगा था. उन्होंने समय दिया है. हम उनके पास इस मुद्दा को उठाएंगे.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भड़के
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मस्जिद से लाउडस्पीकर हटाने के फैसले को लेकर बागी TMC विधायकों के रुख को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा,
यह एक लोकतांत्रिक देश है. कोई भी आंदोलन या विरोध कर सकता है. लेकिन उन्हें ये नहीं भूलना चाहिए कि वो एनडीए में हैं और अब यहां बाबर का शासन नहीं है और न ही कोई तुगलकी व्यवस्था है. वे लोग दोहरे स्टैंड रखने से बचें. बंगाल की जनता इसे स्वीकार नहीं करेगी.
नौशाद सिद्दीकी कोर्ट जाने को तैयार
इंडियन सेक्युलर फ्रंट के विधायक नौशाद सिद्दीकी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन बिना किसी लिखित आदेश के मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने का दबाव बनाता है तो वे इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे. सिद्दीकी ने बताया,
पुलिस मस्जिद प्रबंधन समितियों को बुलाकर माइक्रोफोन और लाउडस्पीकर हटाने को कह रही है. जब मस्जिद समितियों ने पूछा कि यह निर्देश किस आदेश या नोटिफिकेशन के आधार पर दिया जा रहा है, तो पुलिस कोई लिखित आदेश नहीं दिखा सकी. मैंने इस मामले में राज्य के डीजीपी को औपचारिक शिकायत भेज दी है.
क्या है पूरा मामला?
साउंड पॉल्यूशन की शिकायत को लेकर बंगाल पुलिस ने दो दिनों में पूरे बंगाल में लगभग 1,500 धार्मिक स्थानों से लाउडस्पीकर हटवाए हैं. शोर की तय सीमा का उल्लंघन करने के चलते कम से कम 1,279 मस्जिदों और 199 मंदिरों से लाउडस्पीकर हटाने का आदेश दिया गया.
उधर सीनियर पुलिस अधिकारियों का दावा है कि सभी धार्मिक स्थलों पर एक समान तरीके से एक्शन लिया जा रहा है. पुलिस पूजा स्थलों के मैनेजमेंट से उनके पब्लिक एड्रेस सिस्टम को हटाने और शोर-शराबे से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए कह रही है.
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लाउड स्पीकर को लेकर बंगाल में क्या है नियम?
बंगाल के शोर प्रदूषण (नियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के मुताबिक, दिन के समय (सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक) लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए पहले से पुलिस की अनुमति जरूरी है. इसके अलावा साउंड लिमिटर का उपयोग करना जरूरी है. और आवाज की तय सीमा 50 से 75 डेसिबल तक होनी चाहिए.
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