उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों में कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है. शुरुआत 29 जून को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से हुई. फिर खबर आई कि बिहार सरकार में मंत्री रहे मुकेश सहनी भी हाउस अरेस्ट किए गए हैं. अब 30 जून को खबर है कि अयोध्या पहुंचे कांग्रेस के कुछ और नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है.
अयोध्या में अजय राय के बाद लखनऊ में मुकेश सहनी भी नजरबंद, सरकार ने क्या वजह बताई?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. अजय राय अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने जा रहे कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई करने वाले थे. इसके अलावा बिहार सरकार में मंत्री रहे मुकेश सहनी को भी लखनऊ में हाउस अरेस्ट किया गया है.


अजय राय समेत कांग्रेसी नेता हाउस अरेस्ट
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 30 जून को अयोध्या पहुंचा. अजय राय के साथ ये प्रतिनिधिमंडल अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने वाला था. दर्शन के बाद इनको अयोध्या में चंदा चोरी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी थी. 9 सदस्यीय कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल में अमेठी के सांसद किशोरी लाल, सीतापुर के सांसद राकेश राठौड़, प्रयागराज के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह और बाराबंकी के सांसद तनुज पूनिया भी शामिल हैं.
अजय राय इसकी तैयारियों के लिए एक दिन पहले अयोध्या पहुंचे थे. वे होटल पद्म पैलेस में ठहरे थे. उत्तर प्रदेश पुलिस ने होटल से उनको हाउस अरेस्ट कर लिया. फिलहाल उनको नरेंद्र देव विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में रखा गया है. अजय राय ने इसके बारे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा,
बीजेपी सरकार की तानाशाही और दोहरा चरित्र देखिए. आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में मुझे कमरे के अंदर बंद कर दिया गया है. प्रभु श्री राम के दर्शन करने से रोका जा रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.
पिछले दिनों AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में दर्शन किए थे. अजय राय ने इस पर निशाना साधते हुए लिखा,
एक तरफ गैर-कांग्रेसी नेताओं को बुलाकर VIP दर्शन कराए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ मेरे सहित कांग्रेस के तमाम साथियों को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. बिना मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दर्शन किए हम वापस नहीं जाएंगे!
अजय राय के मुताबिक, कांग्रेस के बाकी सांसदों और विधायकों को भी अयोध्या में हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. दूसरी तरफ सरकार की दलील है,
अजय राय ड्रामा कर रहे हैं. धार्मिक जगह पर कांग्रेस नेता राजनीति करने जाएंगे तो प्रशासन अपना काम ही करेगा ना.
मुकेश सहनी भी हाउस अरेस्ट
कुछ इसी तरह बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी को नजरबंद किया गया है. मुकेश सहनी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में उन पीड़ित सहनी परिवारों से मिल रहे थे, जिन के साथ किसी तरह के ज्यादती होने के आरोप हैं. सहनी बस्ती के बाद शाहजहांपुर जाने वाले थे लेकिन प्रशासन ने उनको लखनऊ में उनके घर में ही रोक दिया.
30 जून को 12 बजे तक उनको हाउस अरेस्ट किया गया था. लेकिन अब इसकी समय सीमा और 12 घंटे बढ़ा दी गई है. मुकेश सहनी ने इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि को लोगों से मिलने और समस्याएं सुनने का अधिकार है, लेकिन सरकार प्रशासन का दुरुपयोग करके इस अधिकार को कुचलने का प्रयास कर रही है.
हाउस अरेस्ट का क्या मतलब होता है?
हाउस अरेस्ट का मतलब ये है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को उसके घर पर ही रखा जाता है. उसे थाने या जेल नहीं ले जाया जाता. वो हाउस अरेस्ट के दौरान अपने घर पर ही रहेगा. घर के बाहर पुलिस का पहरा होगा. वहीं से उस पर नजर रखी जाएगी. बिना अनुमति के अरेस्ट किया हुआ आदमी अपने घर से नहीं निकल सकता है.
वीडियो: राम मंदिर दर्शन करने पहुंचे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नज़रबंद
















