प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (7 अगस्त) की सुबह नाश्ते पर बैठक की. बैठक में NDA के नए लोकसभा सांसदों को बुलाया गया था. इसमें NCPI के 20 सांसद जो तृणमूल से टूटकर NDA का हिस्सा बने और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के 7 सांसद शामिल हुए. ये सातों सांसद पहले उद्धव ठाकरे की शिवसेना में थे. इस मीटिंग में उन्होंने सांसदों को संसदीय चर्चा में हिस्सा लेने का सुझाव दिया.
ममता और उद्धव के बागियों के साथ PM Modi की मीटिंग, कहा- 'चिंता न करें, मैं आपके साथ हूं'
PM Modi meeting: पीएम नरेंद्र मोदी ने टीएमसी और शिवसेना (UBT) गुट के बागी सांसदों के साथ नाश्ते पर मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने एनडीए में शामिल हुए इन नए सांसदों को भरोसा देते हुए कहा कि उन्हें किसी बात से परेशान होने की जरूरत नहीं है.

पीएम ने इस दौरान NDA में हाल ही में शामिल हुए इन सांसदों से कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आप लोग किसी बात की चिंता न करें. मैं आप सबके साथ हूं. आप सब NDA के सदस्य हैं और हमें सबको साथ लेकर चलना आता है.’
नाश्ते की टेबल पर क्या बात हुई?पीएम मोदी ने नाश्ते की टेबल पर 26 सांसदों (जो विपक्षी पार्टियों से दल बदलकर NDA में शामिल हुए हैं) से कहा,
‘संसद के इतिहास पर बहुत मटेरिल उपलब्ध है. उसे पढ़िए और डिबेट के लिए तैयारी करिए. अपने-अपने राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के बारे में सोचिए.’
पीएम ने खासतौर पर शिवसेना के नेताओं से कहा कि वो अपने क्षेत्र में विकास पर ध्यान दें. सांसदों से कहा कि अगर कोई परेशानी हो तो वो सीधे प्रधानमंत्री के दफ्तर तक उस परेशानी को पहुंचा सकते हैं. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मीटिंग के बाद एक दूसरी मीटिंग में पीएम ने मराठी में शिवसेना के सांसदों से बात की. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है.
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संसद में इस वक़्त मानसून सत्र चल रहा है. नए सांसदों के बाद NDA की लोकसभा में स्ट्रेंथ 293 से बढ़कर 319 हो गई है. लेकिन अभी भी स्पेशल मेजोरिटी के लिए 41 सीटें कम पड़ रही हैं. भाजपा मानसून सत्र से पहले ही NDA का विस्तार करने की कोशिश कर रही है. बीजेपी परिसीमन से संबंधित महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन विधेयकों के लिए जरूरी समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रही है. इसके लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की ज़रूरत होती है.
NDA ने हाल फिलहाल में पूर्व विपक्षी सांसदों का खुलेआम समर्थन किया है. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि NCPI अध्यक्ष और मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार को मानसून सत्र में पीएम मोदी के पास बैठे देखा गया था. काकोली एक समय में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी की सबसे करीबी नेताओं में शुमार थीं. मानसून सत्र के पहले सप्ताह में एनडीए की संसदीय बैठक के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के साथ पहली पंक्ति में जगह दी गई थी.
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