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यूपी चुनाव में सपा से गठबंधन के सवाल पर राजभर ने जो बोला, BJP के कान खड़े कर देगा

ओमप्रकाश राजभर अभी BJP के नेतृत्व वाले NDA के साथ हैं. आगामी चुनाव से पहले ओमप्रकाश राजभर से सपा के साथ जाने की संभावना पूछी गई तो उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है. उन्होंने अगर भी कई बातें कहीं.

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सपा के साथ गठबंधन के सवाल पर ओपी राजभर ने गेस्ट हाउस कांड याद दिलाया. (Courtesy: @oprajbhar/ X/PTI)

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  • उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के नेता दीपक रंजन ने दावा किया कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं और नए गठबंधन की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
  • ओमप्रकाश राजभर ने 2 जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड और 2019 के लोकसभा चुनाव गठबंधन का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के चलते गठबंधन बदल सकते हैं और नए गठबंधन बन सकते हैं।
  • सपा नेताओं के अनुसार, सुभासपा के अधिकांश विधायक अब सपा के साथ जुड़ने की ओर हैं, जिससे आगामी चुनावों में गठबंधन और राजनीतिक स्थिरता पर प्रभाव पड़ सकता है।
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आशीष श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है. नए गठबंधनों की अटकलें भी बढ़ रही हैं. समाजवादी पार्टी (SP) के नेता दीपक रंजन ने दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के कई विधायक सपा के संपर्क में हैं. इस पर ओमप्रकाश राजभर से सपा के साथ जाने की संभावना पूछी गई तो उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव है. उन्होंने संकेत दिया कि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में नए गठबंधन बन सकते हैं. राजभर अभी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के साथ हैं.

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उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि राजनीति में कुछ भी मुमकिन है और कभी भी कुछ भी हो सकता है. इंडिया टुडे से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, राजभर ने अपने बयान को मजबूती देने के लिए 2 जून 1995 के गेस्ट हाउस कांड का जिक्र किया.

ओमप्रकाश राजभर ने क्या कहा?

भाजपा के सहयोगी और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा,

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‘किसी ने नहीं सोचा था कि 2 जून के गेस्ट हाउस कांड के बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के बीच समझौता होगा, लेकिन दोनों दलों के बीच समझौता हुआ और दोनों ने मिलकर चुनाव लड़ा.’

जब सपा-बसपा का गठबंधन हुआ

ओमप्रकाश राजभर ने आगे कहा कि राजनीति में ये नहीं कहा जा सकता कि कौन कब किसके साथ हो जाए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं और नए गठबंधन बन सकते हैं. राजभर ने जोर दिया कि गेस्ट हाउस कांड को लेकर सपा और बसपा के बीच जबरदस्त नाइत्तेफाकी थी. इसके बावजूद, दोनों पार्टियों ने अपने आपसी मतभेदों को भुलाकर 2019 का लोकसभा चुनाव गठबंधन करके लड़ा.

2019 में उत्तर प्रदेश की कुल 80 लोकसभा सीटों में से बसपा ने 38, सपा ने 37 और राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने 3 सीटों पर चुनाव लड़ा. बसपा ने 10 सीटें जीतीं और सपा को सिर्फ 5 सीटों पर जीत मिली. RLD खाली हाथ रही.

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सपा नेता ने क्या दावा किया?

इससे पहले सपा नेता दीपक रंजन ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि कई विधायक उनके संपर्क में हैं, जो NDA के साथ चले गए थे. दीपक रंजन ने कहा,

'उत्तर प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में विधायक अपनी अंतरात्मा से वोट देंगे, क्योंकि जिन लोगों ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर NDA का दामन थामा था, उन्हें समझ आ चुका है कि उनका राजनीतिक भविष्य और उनका मान-सम्मान समाजवादी पार्टी में ही सुरक्षित है.

समाजवादी नेता ने आगे कहा,

‘सुभासपा के विधायक लगातार समाजवादी पार्टी के साथ हैं. दो विधायक को छोड़ दीजिए, तो सुभासपा के चार-चार विधायक समाजवादी पार्टी के साथ हैं. उन्हें मालूम है कि उनका सिंबल छड़ी जरूर था, वे भले ही सुभासपा के साथ थे, लेकिन उन्होंने चुनाव समाजवादी पार्टी के बल पर ही जीता था.’

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सपा नेता दीपक रंजन ने कहा कि सुभासपा के विधायक समझ चुके हैं कि सपा के साथ ही उनका भला हो सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर सुभासपा विधायकों को अपनी राजनीतिक वैतरणी पार करनी है, तो उन्हें सपा के साथ आना होगा.

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