आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को सदन के उप नेता के पद से हटा दिया. इस फैसले के बाद राघव चड्डा ने संसद परिसर से ही एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने अपनी ही पार्टी पर कुछ तीखे सवाल दागे. अब हाल ये है कि राघव चड्ढा और बाकी बड़े AAP नेताओं के बीच खींचतान सार्वजनिक हो गई है. पंजाब के सीएम और AAP नेता भगवंत मान ने राघव चड्ढा को लेकर कई सवालों के जवाब दिए हैं. उन्होंने कहा कि SIR में सही वोटों को काटे जाने का मुद्दा हो या गुजरात में हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाना, ऐसे मुद्दों को न उठाकर कैंटीन में समोसे का मुद्दा उठाया गया, डिलीवरी कितने समय में होगी ये मुद्दा उठाया गया. सीएम मान ने इसके बाद राघव चड्ढा को ‘कंप्रोमाइज्ड’ बताया यानी किसी और से समझौता कर लेने का आरोप लगाया.
'राघव चड्ढा ने किसी और से समझौता कर लिया... ', भगवंत मान ने अंदर की बात बता दी
राज्यसभा में उप नेता के पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्डा ने एक वीडियो पोस्ट किया. उन्होंने अपनी ही पार्टी पर कुछ तीखे सवाल दागे. इसके बाद Punjab CM Bhagwant Mann ने Raghav Chadha के आचरण पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने साफ़ कहा कि उन्हें लगता है राघव चड्ढा 'कंप्रोमाइज्ड' हैं.


3 अप्रैल को एक प्रेस कांफ्रेंस में सीएम भगवंत मान से राघव चड्ढा को लेकर सवाल किया गया. इस पर उन्होंने कहा,
'देखिए एक पार्टी लाइन होती है. यहां इतने मुद्दे हैं. लोगों के वोट कट रहे हैं. सही वोट कट के जाली वोट पड़ रहे हैं. गुजरात में हमारे इतने सारे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. जीएसटी का पैसा, फसल की एमएसपी… इन सब मुद्दों पर बात करनी होती है. लेकिन ये सब छोड़कर वो एयरपोर्ट के समोसे और डिलीवरी के टाइम पर बात कर रहे हैं. तो अगर ये सब हो तो आपको शक नहीं होगा कि वो किसी और के शब्द बोल रहे हैं.
इस जवाब के बाद उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि राघव चड्ढा 'कंप्रोमाइज्ड' हैं? इसपर सीएम भगवंत मान ने कहा, ‘आपको क्या लगता है? मुझे तो लगता है कि वो कंप्रोमाइज्ड हो चुके हैं.’
सीएम भगवंत मान से आगे राघव चड्ढा के वीडियो को लेकर सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि राघव चड्ढा को खुद वीडियो जारी करके बोलना पड़ा? इसका जवाब देते हुए सीएम मान ने कहा,
‘देखिए पार्टी ऐसा करती रहती है, फैसले पार्टी लेती है, संसदीय बोर्ड का लीडर और डिप्टी लीडर बदलता रहता है. हर पद पर बदलाव होता है. जब मैं जीता तो कोई और लीडर बना था. बाद में मैं भी बना. तो ये बदलता रहता है.’
इसके बाद पंजाब के सीएम ने ये भी कहा कि कई मुद्दे ऐसे होते हैं, जिन्हें लेकर संसद में वॉकआउट करना होता है, लेकिन जब कोई सांसद ये नहीं करता है, तो ये व्हिप का उल्लंघन होता है. इसलिए उसके बाद कार्रवाई की जाती है.
राघव चड्ढा को साल 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुना गया था. AAP ने 2023 में उनको राज्यसभा का उप नेता बनाया था. राज्यसभा में उनका कार्यकाल साल 2028 तक है.
वीडियो: AAP के फैसले पर राघव चड्ढा का बयान, पार्टी ने राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाया






















