आम आदमी पार्टी (AAP) ने 2 अप्रैल को अपने सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उप नेता के पद से हटाने का ऐलान किया. उनकी जगह राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को ये जिम्मेदारी दी गई है. इस फैसले के बाद राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. राजनीतिक दुनिया में इस वीडियो के कई मायने निकाले जा रहे हैं. इस वीडियो में राघव चड्ढा खुद को इस पद से हटाए जाने पर सवाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या जनता के मुद्दे उठाना गलत है? उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, 'मेरा हाथ, मेरा साथ थामे रखियेगा, छोड़िएगा मत.'
'मैंने आम लोगों के मुद्दे उठाकर गुनाह कर दिया?' राघव चड्ढा ने अब अपनी ही पार्टी से पूछे तीखे सवाल
AAP के सांसद राघव चड्ढा ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है. राजनीतिक दुनिया में इस वीडियो के कई मायने निकाले जा रहे हैं. इस वीडियो में राघव चड्ढा खुद को इस पद से हटाए जाने पर सवाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि क्या जनता के मुद्दे उठाना गलत है?


सांसद राघव चड्ढा ने ये वीडियो संसद के परिसर में ही रिकॉर्ड किया है. इस वीडियो में वो खुद को पद से हटाए जाने पर सवाल खड़े कर रहे हैं. वीडियो में वो कहते हैं,
'मुझे जब-जब पार्लियामेंट में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं. मैं ऐसे विषयों को उठाता हूं, जिन्हें आमतौर पर संसद में नहीं उठाया जाता. लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया, या कोई गलती कर दी? आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को कहा है कि राघव चड्ढा के पार्लियामेंट में बोलने पर रोक लगा दी जाए.
अब भला कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहेगा? मैं तो देश के आम आदमी की बात करता हूं. मैंने एयरपोर्ट पर मिलने वाले महंगे खाने की बात रखी. जोमैटो-ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स की बात रखी. खाने में मिलावट के मुद्दे उठाए. टोल प्लाजा से लेकर बैंक चार्ज की बात की. यहां तक कि मिडिल क्लास पर टैक्स के बोझ से लेकर कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक की बात की. रिचार्ज से जुड़े मुद्दे उठाए. रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग क्यों बंद हो जाती है, इस पर बात की. ये तमाम चीजें मैंने सदन में उठाईं.'
राघव चड्ढा वीडियो में आगे कहते हैं,
‘मेरे द्वारा मुद्दे उठाने से आम आदमी को फायदा तो हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी को इससे क्या नुकसान हुआ? मैं जब-जब आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मुझे सपोर्ट करते हैं. इसके लिए आपका थैंक यू. ऐसे ही मेरा हाथ, और मेरा साथ थामे रखिएगा, छोड़िएगा मत. मैं आपसे हूं, और मैं आपके लिए हूं. जिन लोगों ने मुझसे पार्लियामेंट में मेरा बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मैं उनसे भी कुछ कहना चाहता हूं. मेरी ख़ामोशी को मेरी हार मत समझ लेना. मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है.’
इंडिया टुडे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा सचिवालय पत्र में ये भी लिखा गया है कि राघव चड्ढा को सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय नहीं दिया जाए. राघव को साल 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद चुना गया था. AAP ने 2023 में उनको राज्यसभा का उप नेता बनाया था. राज्यसभा में उनका कार्यकाल साल 2028 तक है. पार्टी की ओर से इस फैसले की वजह नहीं बताई गई है. इस कदम से राघव की आम आदमी पार्टी से बढ़ती दूरी की खबरों पर मुहर लगती दिख रही है. हालांकि आप सांसद अशोक मित्तल ने कहा पार्टी में सब ठीक है. यह बदलाव एक रूटीन प्रोसेस है. पार्टी का मानना है कि सभी को मौका मिलना चाहिए.
वीडियो: राजधानी: राघव चड्ढा और केजरीवाल के रिश्ते में दरार कैसे आई?






















