क्या अरविंद केजरीवाल आम आदमी पार्टी के नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश कर रहे थे? शुक्रवार, 24 अप्रैल को आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने केजरीवाल को जो झटका दिया, कहा जा रहा है कि इससे पहले वो उनकी नाराजगी को दूर करने की कोशिश में लगे थे. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने पार्टी के नाराज नेताओं को सुझाव दिया था कि अगर उन्हें किसी बात से परेशानी है या उन्हें कोई चिंता है तो वे अपने पद से इस्तीफा दे दें. अगले चुनाव में उन्हें फिर से टिकट देकर राज्यसभा भेज दिया जाएगा.
सांसदों को घर बुलाकर मनाने वाले थे केजरीवाल, राघव चड्ढा ने पहले ही 'खेल' कर दिया!
केजरीवाल ने सांसदों को वादा किया था कि अगले कार्यकाल में 6 में से कम से कम 5 नेताओं को टिकट दिया जाएगा. लेकिन शर्त ये है कि अगर वो किसी भी कारण से पार्टी में असंतुष्ट हैं तो अभी इस्तीफा दे दें.


एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि केजरीवाल ने सांसदों को वादा किया था कि अगले कार्यकाल में 6 में से कम से कम 5 नेताओं को टिकट दिया जाएगा. लेकिन शर्त ये है कि अगर वो किसी भी कारण से पार्टी में असंतुष्ट हैं तो अभी इस्तीफा दे दें. रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने सांसदों से कहा था
अगर आपको कोई आशंका है तो आप अपने पदों से इस्तीफा दे दें. आपको अगले कार्यकाल में फिर से टिकट दिया जाएगा.
रिपोर्ट के मुताबिक, 24 अप्रैल की शाम को केजरीवाल इन नेताओं से अपने घर पर मिलने वाले थे. लेकिन ये बैठक होती, उससे पहले ही राघव चड्ढा की अगुआई में पार्टी के 3 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. कहा ये भी जा रहा है कि शुरुआत में ये सांसद एक साथ मिलकर पार्टी छोड़ने की योजना नहीं बना रहे थे. लेकिन सभी ने अलग-अलग तौर पर यह फैसला कर लिया था कि वो पार्टी छोड़ेंगे और बीजेपी में जाएंगे.
बाद में राघव चड्ढा ने सबको साथ लाने की कोशिश की. चड्ढा अगर अकेले इस्तीफा देते तो दलबदल कानून के तहत उनकी राज्यसभा सदस्यता चली जाती. इसलिए उन्होंने पार्टी के दो तिहाई नाराज सांसदों को जुटाया. एक मंच पर लाए और केजरीवाल को ऐसा झटका दे दिया, जिसकी शायद वो कल्पना भी नहीं कर रहे थे.
राघव चड्ढा तो राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद से ही बागी तेवर दिखा रहे थे. उनकी जगह जिस अशोक मित्तल को उपनेता बनाया गया था, वह भी राघव चड्ढा से मिल गए. उन्होंने भी आप छोड़ दी और बीजेपी में शामिल होने का ऐलान कर दिया. ये वही अशोक मित्तल हैं, जिनके 5, फिरोजशाह रोड पर स्थित सरकारी बंगले पर एक साल से अरविंद केजरीवाल परिवार के साथ ठहरे थे. शुक्रवार, 24 अप्रैल को ही केजरीवाल अपने नए घर में शिफ्ट हुए थे और इसी दिन मित्तल ने उनकी पार्टी छोड़ दी.
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