कोलकाता बिरयानी सिर्फ़ एक डिश नहीं, बल्कि इतिहास, पलायन और संस्कृति की एक कहानी है. वाजिद अली शाह लखनऊ से अपने निर्वासन के बाद अवधी बिरयानी की परंपरा को कोलकाता लेकर आए. कोलकाता बिरयानी में आलू को क्यों शामिल किया गया, और यह इसकी सबसे खास पहचान कैसे बन गया? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के माहौल में, बंगाल का खान-पान, विरासत और सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए हैं. शाही रसोई से लेकर कोलकाता की व्यस्त सड़कों तक, भारत की सबसे पसंदीदा बिरयानियों में से एक के इस दिलचस्प सफ़र को जानने के लिए देखें वीडियो.
कोलकाता की बिरयानी में आलू कैसे आया? इसका अंग्रेजों से क्या कनेक्शन है?
वाजिद अली शाह लखनऊ से अपने निर्वासन के बाद अवधी बिरयानी की परंपरा को कोलकाता लेकर आए.
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