राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने जा रहे हैं. राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए जाने के बाद से ही राघव चड्ढा ने बागी तेवर अपना लिए थे. दिलचस्प बात ये कि उनकी जगह AAP ने जिन अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता बनाया था, उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी है. वो भी बीजेपी में शामिल होंगे.
राघव चड्ढा AAP छोड़ BJP में शामिल, बोले- 'लगा जैसे मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं'
आम आदमी पार्टी के खिलाफ बागी तेवर अपनाने वाले राघव चड्ढा ने बीजेपी जॉइन कर लिया. उनके साथ AAP के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया.


इन दोनों के साथ संदीप पाठक ने भी AAP छोड़ने का ऐलान कर दिया है. राघव चड्ढा का दावा है कि आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसद उनके साथ हैं और वो बीजेपी में विलय के लिए संवैधानिक प्रावधानों का सहारा लेंगे.
शुक्रवार, 24 अप्रैल को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राघव चड्ढा ने कहा, 'हमने यह फैसला किया है कि हम, यानी राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे.'
चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, ‘इस पार्टी को मैंने अपनी जवानी के 15 साल दिए, लेकिन आज यह पार्टी अपने मूल्यों से भटक चुकी है.’
राघव चड्ढा ने कहा,
मैं इस पार्टी का फाउंडिंग मेंबर था. मुझसे बेहतर आम आदमी पार्टी को शायद ही कोई जानता होगा. हम सबने मिलकर पूरे कमिटमेंट और डेडीकेशन के साथ इस पार्टी को दिल्ली में स्थापित किया. पंजाब में स्थापित किया और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया. लेकिन आज मैं बहुत दुख के साथ, बहुत पीड़ा के साथ और बहुत शर्म के साथ यह कह रहा हूं कि जो पार्टी करप्शन खत्म करने की कसम खाकर बनी थी, वो पार्टी आज करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के हाथ में बुरी तरीके से फंस चुकी है.
चड्ढा ने आगे कहा कि इसीलिए हर वो देशभक्त आदमी जो भारत मां की सेवा करने के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़ा था, एक-एक करके पार्टी छोड़ चुका है. राघव चड्ढा ने आगे कहा,
जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अपने सिद्धांतों से भटक गई है. अब यह पार्टी राष्ट्रहित में नहीं, बल्कि अपने निजी लाभ के लिए काम करती है. पिछले कुछ सालों से मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. इसलिए, आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से अलग हो रहा हूं और जनता के करीब आ रहा हूं.
राघव का दावा है कि उनके पास आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है. वे सभी AAP से अलग होकर बीजेपी में शामिल होंगे. इससे उन पर दलबदल कानून नहीं लगेगा और उनकी सदस्यता बची रहेगी. राघव चड्ढा ने बताया,
राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं, जिनमें से दो-तिहाई से अधिक हमारे साथ हैं. उन्होंने साइन कर दिए हैं और आज सुबह हमने साइन किया हुआ लेटर और डॉक्युमेंट राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया है. उनमें से 3 आपके सामने हैं. इसके अलावा हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी हैं.
राघव चड्ढा ने की PM Modi की तारीफ
राघव चड्ढा ने बीजेपी ज्वाइन करते हुए कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के साथ जुड़कर देश को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. उन्होंने कहा,
संजय सिंह ने क्या कहा?हम राजनीति में अपना करियर बनाने नहीं आए थे, बल्कि अपना करियर छोड़कर आए थे.
उधर आम आदमी पार्टी ने भी इसकी पुष्टि कर दी है कि उसके 7 सांसदों को बीजेपी ने अपने पाले में कर लिया है. पार्टी के नेता संजय सिंह ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने 'ऑपरेशन लोटस' चलाया है.
AAP दूसरी पार्टी के नेताओं को अपने पाले में करने के लिए बीजेपी की कथित कोशिश के आरोप लगाने के लिए 'ऑपरेशन लोटस' शब्द का इस्तेमाल करती है. संजय सिंह ने आगे कहा,
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी चलाने वाले अशोक मित्तल को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था. हरभजन सिंह को पंजाब का प्यार मिला था. लेकिन उन्होंने पंजाब के साथ विश्वासघात किया है. पंजाब के साथ गद्दारी की है. आज मुझे बहुत दुख हुआ है. ED और CBI का दुरुपयोग किया जा रहा है.
संजय सिंह ने आगे कहा कि हाल ही में अशोक मित्तल के यहां छापा मारा गया था. फिर उन्हें बीजेपी ने अपने पाले में कर लिया. 'ऑपरेशन लोटस' को अंजाम देने के लिए डर दिखाया गया और प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया. संजय सिंह ने कहा कि पंजाब इन गद्दारों को कभी माफ़ नहीं करेगा.
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