अक्टूबर की बात है. एक महिला केरल के सचिवालय के सामने पहुंची. हाथ में एक बोर्ड था, जिस पर मलयालम में ‘शर्म करो केरल’ लिखा हुआ था. ये महिला अपने सालभर के बेटे को वापस पाने के लिए लड़ रही है. वो बेटा जिसके पैदा होते ही उसे अलग कर दिया गया था. मां की मर्ज़ी के बिना ही उसे अडॉप्शन के लिए डाल दिया गया. क्या है पूरा मामला? देखें वीडियो.
केरल की अनुपमा एक साल से अपने बेटे के लिए लड़ रही है
बेटे को अनुपमा की मर्जी के बिना ही अडॉप्शन के लिए डाल दिया गया था.
Advertisement
Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)








