पूरा मामला क्या है?
महिला केरल की हैं. पत्तनमथिट्टा जिले के वादासेरिकारा गांव में रहती हैं. मुंबई मिरर में छपी रिपोर्ट के अनुसार कोज़ेन्चेरी के जिला अस्पताल में आठ मार्च को एडमिट हुई थीं. इनका परिवार इटली से लौटे एक परिवार के संपर्क में आया था. इसके बाद जांच में महिला और उनकी बेटी कोरोनापॉजिटिव निकले. बेटी तो जल्दी ठीक हो गई. लेकिन महिला का टेस्ट बार-बार पॉजिटिव आता रहा.
महिला के लिए अस्पताल वालों ने तालियां भी बजाईं. उनके गांववाले भीउनकी वापसी से बेहद खुश बताए जा रहे हैं. (तस्वीर साभार: mumbaimirror)महिला ने बताया,
‘ये मेरा सौभाग्य था कि बेहद काबिल डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने मेरी देखभाल की. स्टेट हेल्थ मिनिस्टर के के शैलजा भी मेरी तबियत का हाल-चाल लेने के लिए डॉक्टरों के संपर्क में थीं. अस्पताल के स्टाफ ने ये सुनिश्चित किया कि मैं हार न मानूं. वो मुझे हौसला देते रहे कि मैं एक दिन वायरस को ज़रूर हरा दूंगी. अस्पताल में मुझे घर जैसा ही लगा. मैं वहां बहुत आराम से थी. अलग-अलग धर्म को मानने वाले लोगों ने भी मेरे लिए प्रार्थना की. ये पॉजिटिव वातावरण मेरी सेहत सुधारने में बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ.कोरोना वायरस 60 से ज्यादा की उम्र के लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है. ऊपर से महिला को हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रोल की शिकायत थी. इस वजह से उनका केस थोड़ा ज़्यादा नाज़ुक था. लेकिन पिछले दो वीकेंड्स पर लिए गए उनके टेस्ट निगेटिव आए हैं. और उन्हें घर भेजा जा रहा है. अपने घर पर वो 14 दिनों तक क्वारंटीन में रहेंगी.
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