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क्रिकेट के लिए बोर्ड एग्ज़ाम छोड़ने वालीं मिताली राज के दिल में कुछ और ही था!

10 साल की थीं जब क्रिकेट खेलना शुरू किया. 17 की हुईं तो इंडियन टीम में आ गईं. मगर इन सब के बीच एक पैशन जो मिताली के हिसाब से क्रिकेट और किताबों से भी ऊपर रहा, वो जान लीजिए.

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मिताली को 2003 में अर्जुन अवॉर्ड, 2015 में पद्मश्री और 2017 में वोग स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर से सम्मानित भी किया जा चुका है. (फोटो - आजतक)

मिताली राज. भारतीय महिला क्रिकेट की स्पाइन. पिछले 23 साल से इंटरनैशनल क्रिकेट खेल रहीं मिताली राज ने बुधवार, 8 जून को 39 साल की उम्र में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. ट्विटर पर ये जानकारी शेयर की और लिखा, 

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"इतने सालों के प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया. आप सबके प्रेम के साथ मैं अपनी सेकेंड इनिंग्स के लिए उत्सुक हूं."

हमने अपने वीकली पॉलिटिकल शो 'ज़नाना रिपब्लिक' में मिताली को बनाया है 'ऑडनारी ऑफ़ द वीक'. अब वो शो तो जब आएगा, तब आएगा. आप मिताली के कुछ क़िस्से, कुछ रिकॉर्ड्स जान लीजिए.

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द मेकिंग ऑफ़ मिताली राज

जब मिताली छोटी थीं, तो पिता के साथ क्रिकेट एकेडमी जाया करती थीं. अपने लिए नहीं. उनका भाई वहां खेलना सीख रहा था. प्रैक्टिस करता था. समय काटने के लिए मिताली आसपास पड़े बल्लों में से एक बल्ला उठाकर खेलने लग जातीं. कोच उन्हें कुछ गेंद डाल दिया करते, तो कई बार कुछ शॉट्स भी लग जाते थे. मिताली राज ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए इंडिया टुडे को बताया था,

"मैं उस समय आठ-नौ साल की थी. भाई के दोस्तों और उनके ट्रेनर्स ने मेरा बहुत हौसला बढ़ाया. मुझे नेट पर कुछ शॉट्स मारने की परमिशन भी मिल जाती थी. परिवार ने भी लड़का-लड़की नहीं देखा. रुचि देखी और उस जुनून को आगे बढ़ाने के लिए अवसर दिया. उन्होंने कभी पढ़ाई पर ध्यान देने, नौकरी खोजने और शादी करने जैसी चीजों की तरफ धकेला नहीं. बस उन्होंने लगातार मुझे अपने इंट्रेस्ट के हिसाब से आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट किया."

किताब वाली फोटो में कौन सी किताब पढ़ रही थीं

2017. महिला वर्ल्ड कप. भारत बनाम इंग्लैंड. क्रीज़ पर भारत की ओपनर्स खेल रहीं थी. पूनम राउत और स्मृति मांधना. उस मैच से ट्विटर पर एक तस्वीर भयंकर सर्कुलेट हुई थी. पैड-अप किए हुए भारत की विमन्स क्रिकेट कैप्टन. अपनी पारी के इंतज़ार में बैठकर किताब पढ़ रही थीं. किताब पढ़ने में इतनी मग्न थीं कि जैसे जीवन का कोई सत्य खोज लिया हो. किताब कौन सी? Essential Rumi. रुमी की कविताओं का इंग्लिश अनुवाद. इसके बाद मिताली बैटिंग करने गईं और 71 रन की पारी खेली. ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है, क्योंकि ये मिताली की सातवीं लगातार वनडे हाफ़-सेंचुरी थी. तब तक दुनिया भर में किसी भी महिला बल्लेबाज़ के नाम ये रिकॉर्ड नहीं था.

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मिताली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि अगर वो क्रिकेटर न होतीं, तो सिविल सर्विसेज़ में जातीं (फोटो - ICC)

इससे पहले मिताली ने अपने पिछले 6 वनडे मैचों में नाबाद 70, 64, नाबाद 73, नाबाद 51, 54 और नाबाद 62 रन की पारियां खेली थीं. भारत की टीम ने 281/3 का स्कोर बनाया. मैच के बाद ये तस्वीर कई लोगों ने रीट्वीट की. और, मैच के एक दिन बाद तो एक वीडियो इंटरव्यू में ख़ुद मिताली ने बताया कि उन्हें किताबें पढ़ने का बहुत शौक़ है.

क्रिकेट और किताबों से पहले कथक

मिताली 10 साल की थीं जब क्रिकेट खेलना शुरू किया. 17 की हुईं तो इंडियन टीम में आ गईं. मगर इन सब के बीच एक पैशन जो मिताली के हिसाब से क्रिकेट और किताबों से भी ऊपर रहा, वो है कथक. क्लासिकल डांस फॉर्म कथक. 2014 में इंडिया टुडे के प्रोग्राम ‘माइंड रॉक्स’ में मिताली ने बताया और दिखाया भी कि वे ख़ुद को आज भी कथक डांसर मानती हैं. क्रिकेट तो पिता के कहने पर खेलना शुरू किया और इंडिया टीम में शामिल हो जाने के 10 साल तक इस खेल को सिर्फ पिता की तरफ से दिए गए आदेश की तरह ही समझा. ख़ुद मिताली ने एक इंटरव्यू में कहा कि साल 2009 के वर्ल्ड कप तक क्रिकेट को वे महज एक जिम्मेदारी ही समझ रही थीं. मगर इसके बाद ही महसूस हुआ कि ये भी बेहद इंटरस्टिंग चीज़ है. इस वर्ल्ड कप में पहली बार भारतीय वीमन्स टीम फाइनल तक पहुंची थी. कप्तान मिताली राज थीं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार गए थे.

पत्रकार से ऐसा सवाल किया कि उसका मुंह बन गया

वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले हुई एक ऑफिशियल प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने मिताली राज से पूछा था कि उनका फेवरेट मेल क्रिकेटर कौन हैं? मिताली का जवाब सचिन, पॉन्टिंग या फिर कोई और हो सकता था, लेकिन यहां उन्होंने बेहद गंभीर तरीके से जवाब देते हुए उस पत्रकार से पलट कर पूछा,

"क्या ये सवाल आप मर्द क्रिकेटरों से भी करते हैं? क्या कभी पूछा है उनकी फेवरेट फीमेल क्रिकेटर कौन हैं?"

इस जवाब भर से समझ आ जाता है कि हमारे देश में खेलों में महिलाओं की भागीदारी पर कितनी गंभीरता से सोचा जाता है. और, इस विमर्श में उनका क्या स्टेक है. वुमन IPL और महिलाओं की क्रिकेट में हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मिताली शुरू से बोलती रही हैं.

बोर्ड और क्रिकेट के बीच क्रिकेट को चुना

वो बहुत ही घिसी पिटी लाइन है न - 'पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे-कुदोगे बनोगे ख़राब.' अब इस क्लीशे लाइन को कई लोगों ने झुठलाया है, लेकिन मिताली ने तो लिट्रली पढ़ने-लिखने के ऊपर क्रिकेट को चुना. और, सिर्फ़ उन्होंने नहीं, उनके परिवार ने उनके लिए क्रिकेट को चुना.

केवल भारत में ही नहीं, वर्ल्ड लेवल पर मिताली ने एक से एक रिकॉर्ड्स बनाए हैं (फोटो - रायटर्स)

साल 2000. मिताली के 12वीं के बोर्ड एग्ज़ाम थे. उसी दौरान इंटर-ज़ोनल टूर्नामेंट थे. और, ये कोई वॉर्म-अप मैच नहीं था. ये था सेलेक्शन वाला मैच. इसी मैच के आधार पर न्यूज़ीलैंड में विमेन्स वर्ल्ड कप की टीम के लिए सलेक्शन होना था. मिताली बताती हैं कि उस वक़्त उनके माता-पिता ने उन्हें अपने पैशन को फ़ॉलो करने के लिए सपोर्ट किया. मिताली ने बताया,

"मुझे याद है, पापा ने कहा था कि वर्ल्ड कप चार साल में एक बार होता है. बोर्ड तो अगले साल भी हो जाएगा. तो बस, मेरा न्यूज़ीलैंड टीम में सलेक्शन हो गया. वर्ल्ड कप में मेरा प्रदर्शन देखा गया. फिर दो साल के अंदर मुझे टीम का वाइस कैप्टन बना दिया गया."

ख़ूब रिकॉर्ड्स बनाए

अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहीं मिताली राज इंटरनैशनल विमेन्स क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं. रिकॉर्ड्स से पहले बता दें कि 2006 और 2008 में इंडिया ने मिताली राज की कप्तानी में एशिया कप जीता था. 

# मिताली को 2003 में अर्जुन अवॉर्ड, 2015 में पद्मश्री और 2017 में वोग स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ द ईयर से सम्मानित भी किया जा चुका है.

# 1999 में टीम इंडिया के लिए वनडे में डेब्यू करने वाली मिताली ने अपने पहले ही मैच में आयरलैंड के ख़िलाफ़ 114 रन की पारी खेली.

# 7,805 रनों के साथ मिताली आज की तारीख़ में महिला वन-डे अंतरराष्ट्रीय मैचों में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की शार्लेट एडवर्ड्स 191 मैचों में 5992 रन के साथ दूसरे नम्बर पर हैं.

# सबसे ज़्यादा वन-डे मैच: अपने 26 साल के लंबे करियर में मिताली ने 232 वन-डे खेले हैं.

# वन-डे में शतक बनाने वाली सबसे कम उम्र की महिला क्रिकेटर: मिताली ने 16 साल (16 साल, 205 दिन) की उम्र में नाबाद 114 रन बनाए. इस कैटगरी में दोहरे शतक का रिकॉर्ड भी मिताली के नाम ही है. मिताली ने 19 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक बनाया था.

# मिताली के नाम 64 हाफ सेंचुरी हैं, जो किसी भी वुमन क्रिकेटर के नाम नहीं हैं.

# वन-डे के अलावा T20 में भी जलवा है. 89 T20 मैच खेले और 37.52 के औसत से 2364 रन बनाए. इस लिस्ट में मिताली से आगे मौजूदा कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं, जिन्होंने 121 मैचों में 2319 रन बनाए हैं.

# 10000 रन क्लब: मार्च 2021 में मिताली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सभी फ़ॉर्मैट्स में 10,000 रन का आंकड़ा पार कर लिया.

वीडियो: दुनिया की सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली भारतीय क्रिकेटर पर बनेगी फ़िल्म

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