"मैं बिना किसी शर्त के माफी मांगता हूं कि मैंने तुम्हारे साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, जबकि तुम ऐसा नहीं करना चाहती थीं."पीड़िता को लिखे मेल ने तेजपाल ने यह भी कहा था कि वह परिस्थितियों को ढंग से समझ नहीं पाए और उनसे गलती हो गई. पीड़िता ने विशाखा गाइडलाइंस के तहत एंटी सेक्सुअल हैरासमेंट सेल गठित करने की मांग की थी. बाद में तेजपाल निष्पक्ष जांच की बात कहते हु़ए पत्रिका के संपादक पद से 6 महीने के लिए हट गए थे. अपनी गिरफ्तारी के बाद तेजपाल ने बार-बार कहा था कि उन्हें फंसाया जा रहा है. ये पूरा मामला उनके खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है, खासकर तब जब गोवा में बीजेपी की सत्ता है. पीड़िता ने लगाए थे गंभीर आरोप पीड़िता का आरोप था कि तेजपाल ने एक नहीं, बल्कि दो बार उसके साथ ज्यादती की. मुंह खोलने पर बुरे अंजाम की धमकी भी दी. पुलिस को दिए बयान में उसने आरोप लगाया था कि उस रात जब वह एक गेस्ट को उसके कमरे तक छोड़कर वापस लौट रही थी, तो होटल के ब्लॉक 7 के एक लिफ्ट के सामने उसे तरुण तेजपाल मिले. तेजपाल ने गेस्ट को दोबारा जगाने की बात कहकर अचानक उसे वापस उसी लिफ्ट के अंदर खींच लिया. लड़की कुछ समझ पाती, इससे पहले ही तेजपाल ने लिफ्ट के बटन कुछ ऐसे दबाने शुरू किए, जिससे ना तो लिफ्ट कहीं रुके और ना ही दरवाजा खुले. बयान के मुताबिक, लड़की ने फोन पर अपने ब्वॉयफ्रेंड के अलावा दोस्तों को इस वाकये के बारे में बताया. आरोप है कि अगले दिन फिर से उसी होटल की एक लिफ्ट में तेजपाल ने उसके साथ वही हरकत दोहराई. पीड़िता का कहना था कि उसके लिए ये सब बर्दाश्त से बाहर हो चुका था. इसके बाद उसने अपनी बेस्ट फ्रेंड और तेजपाल की बेटी को उसके पिता की पूरी करतूत बताई. पीड़िता का आरोप था कि तेजपाल की बेटी ने उसे जो जवाब दिया, उससे वो हैरान रह गई. पीड़िता की मानें तो बेटी ने कहा कि उसने अपने पिता को पहले भी एक दूसरी औरत के साथ ऐसा करते देखा था, जब उसकी उम्र सिर्फ़ 13 साल की थी.
यौन शोषण केस में तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल बरी
2013 के मामले में गोवा की मपूसा स्थित जिला अदालत का फैसला.
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तरुण तेजपाल पर उनकी ही एक जूनियर ने गोवा के होटल में यौन शोषण के आरोप लगाए थे. (फाइल फोटो)
पत्रकार तरुण तेजपाल को 2013 के कथित यौन शोषण और रेप मामले से बरी कर दिया गया है. गोवा की जिला अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया. तहलका पत्रिका के फाउंडर तरुण तेजपाल पर थिंक 13 नाम के फेस्टिवल के दौरान अपनी जूनियर सहकर्मी के साथ यौन शोषण के आरोप थे. पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि तेजपाल ने गोवा के ग्रांड हयात होटल की लिफ्ट में 7 और 8 नवंबर 2013 को उसके साथ ज्यादती की. एडिशनल सेशन जज क्षमा जोशी ने इस केस की सुनवाई की. उन्होंने पिछले महीने अपना फैसला रिजर्व कर लिया था. तेजपाल के ऊपर IPC की धारा 341, 342, 354, 354 (A), 354 (B) और 376 के आरोप थे. इनमें यौन शोषण और बलात्कार की धाराएं भी हैं. इन आरोपों के बाद 2013 में तरुण तेजपाल की गिरफ्तारी भी हुई थी. 2014 में उन्हें जमानत मिल गई. इसी साल फरवरी में गोवा पुलिस ने तेजपाल के खिलाफ 2846 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. केस तरुण तेजपाल की पैरवी वकील राजीव गोम्स और आमिर खान ने की. इस मामले को लेकर पीड़िता ने 18 नवंबर, 2013 को तहलका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी से शिकायत की थी. इसके अगले दिन तेजपाल ने पीड़िता से माफी मांगते हुए ईमेल भेजा था. तेजपाल ने अपने ईमेल में लिखा था-
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