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झारखंड वाले केस में जांच अधिकारी नूर मुस्तफा फंसे, आरोपी शाहरुख को बचा रहे थे!

मामले के जांच अधिकारी नूर मुस्तफा पर और क्या-क्या गंभीर आरोप लगे हैं.

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पीड़िता के परिवार वालों ने नूर मुस्तफा को हटाने की मांग की थी

झारखंड के दुमका केस में जांच अधिकारी नूर मुस्तफा को हटा दिया गया है. आरोप लगे थे कि डिप्टी एसपी नूर मुस्तफा शाहरुख को बचा रहे हैं. पीड़िता के परिवार वालों के साथ भाजपा नेताओं ने भी मुस्तफा को हटाने की मांग की थी. झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास ने तो ये तक कहा था कि नूर और PFI मिले हुए हैं.

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इसके बाद दुमका के एसपी अंबर लकड़ा ने नूर मुस्तफा इस मामले की जांच से हटा दिया. उन्होंने कहा कि अब इस मामले की जांच सुप्रीटेंडेंट स्तर के दूसरे पुलिस अधिकारी करेंगे. एसपी स्तर के अधिकारी इस केस की निगरानी करेंगे. हालांकि, नूर के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है.

नूर मुस्तफा शाहरुख को बचा रहे थे?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मारांडी ने भी ट्वीट कर नूर मुस्तफा पर सवाल उठाए थे. उन्हें सांप्रदायिक और आदिवासी विरोधी व्यक्ति बताया था.

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बाबूलाल ने लिखा था,

"खबरों के मुताबिक़ दुमका में लड़की को जलाये जाने के मामले में वहां के डीएसपी नूर मुस्तफा ने शुरू से ही अभियुक्त शाहरुख़ हुसैन को बचाने का प्रयास किया. FIR में नाबालिग की जगह बालिग़ लिखवा दिये जाने की बात खबरों में आ रही है. डीएसपी के खिलाफ दुमका समेत पूरे राज्य के लोगों में भारी आक्रोश है और उनके वहां रहते लोगों को न्याय की उम्मीद नहीं.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, इससे पहले कि मामला और बिगड़े, इस षड्यंत्रकारी डीएसपी नूर मुस्तफ़ा पर FIR दर्ज करा कर उसे जेल भिजवाइये."

झारखंड सीआईडी (CID) के डीएसपी संदीप कुमार गुप्ता का कहना है कि सीआईडी, फोरेंसिक साइंस और फिंगर प्रिंट ब्यूरो की टीम सारे सबूत और साक्ष्य इकट्ठा कर रही हैं. सारे सबूतों को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

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नाबालिग को जलाकर शाहरुख हंस रहा था

शाहरुख अभी झारखंड पुलिस की ही कस्टडी में है. 23 अगस्त को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. उस दिन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है. पुलिस हिरासत में वो हंसता-मुस्कुराता दिख रहा था. उसके चेहरे पर कोई शिकन और शर्म नहीं थी.

उसने 23 अगस्त को दुमका की रहने वाली एक नाबालिग लड़की को ज़िंदा जलाया था. लंबे समय से शाहरुख उसका पीछा कर रहा था, उसे फोन कर परेशान करता था. लड़की ने बात करने से मना किया तो उसने जान से मारने की धमकी दी. फिर 23 अगस्त की सुबह 4 बजे आरोपी शाहरुख पीड़िता के कमरे की खिड़की से उसके कमरे में घुसा. इसके बाद लड़की के ऊपर पेट्रोल डालकर उसने आग लगा दी. लड़की का शरीर बुरी तरह झुलस गया. रांची के रिम्स में उसका इलाज चला. लेकिन 28-29 अगस्त की रात लड़की की मौत हो गई.

इस घटना के बाद दुमका में प्रदर्शन को रहे हैं. धार 144 लागू है.  भाजपा, बजरंग दल और करणी सेना समेत कई संगठन सड़क पर उतरकर शाहरुख को फांसी की सज़ा देने की मांग कर रहे हैं. 

वीडियो: शाहरुख पर हेमंत सोरेन की कार्रवाई कितनी असरदार?

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