इंदिरा नूई. पेप्सिको की चेयरपर्सन और सीईओ रहीं. दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाओं की लिस्ट में शामिल रहीं. अब उनकी ऑटोबायोग्राफी आई है. माय लाइफ ऐट फुल. वैसे तो इस किताब में इंदिरा ने अपने निजी और व्यवसायिक, दोनों ज़िंदगियों से जुड़े कई क़िस्से लिखे हैं. ये किताब उन्होंने पैनडेमिक की वजह से लगे लॉकडाउन के दौरान लिखी है. उनके शब्दों में उनका जीवन द्वंदों से भरा हुआ है. एक पत्नी और कार्यकारी अधिकारी के बीच का द्वंद, एक मां और कार्यकारी अधिकारी के बीच का द्वंद, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र के बीच का द्वंद. अपनी किताब में इंदिरा ने एक मेल डोमिनेंट स्ट्रक्चर में अकेली महिला होने का अपना स्ट्रगल भी इस किताब में लिखा है. वो लिखती हैं,
“मेरे साथ कभी यौन उत्पीड़न की कोई घटना नहीं हुई. हालांकि, कॉरपोरेट जगत में अपने शुरुआती दिनों में बहुत सारे पुरुषों के व्यवहार से मेरी शालीनता और मेरे मूल्यों को ठेस पहुंची. बाद में मैंने इसे देखते ही ऐसे व्यवहार को बंद करने को प्राथमिकता दी."
विदेश में अपनी संस्कृति और अपने पहनावे को लेकर भी इंदिरा को काफी कुछ भुगतना पड़ा. किताब में एक जगह वो लिखती हैं,
"मुझे इंडियानापोलिस में एक लाइन मीटिंग में साड़ी पहन कर ले जाना, उन दिनों मेरे कलीग्स के लिए बहुत असहज होता था. वे मेरे बिना ही क्लाइंट मीटिंग्स में चले जाते थे. उस समय ही मैं पूरी तरह से समझ गई थी कि यह साड़ी पहनने की छोटी सी क़ीमत है और मैंने इसे स्वीकार कर लिया."
पेप्सिको में शुरुआती दिनों के बारे में इंदिरा लिखती हैं,
"जब मैं पेप्सीको में आई तो श्वेत अमेरिकी पुरुष पेप्सीको के पंद्रह शीर्ष पदों में से पंद्रहो पर क़ाबिज़ थे. लगभग सभी सफ़ेद शर्ट और रेशम की टाई के साथ नीले या ग्रे रंग का सूट पहनते. या तो छोटे बाल, या बाल ही नहीं. उनमें से ज़्यादातर टेनिस खेलते, गोल्फ़ खेलते, फिशिंग, जॉगिंग और हाइकिंग करते. मुझे मालूम था कि उनमें से किसी की भी पत्नी अपने घरों से बाहर पेड-जॉब नहीं करती थीं."
कौन है इंदिरा नूई?
28 अक्टूबर 1955 को मद्रास में जन्म हुआ. नूई ने 1976 में मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से केमिस्ट्री में स्नातक किया और दो साल बाद आईआईएम कलकत्ता से व्यवसाय प्रशासन में मास्टर डिग्री हासिल की. अमेरिका जाने के बाद, उन्होंने 1980 में येल स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट से पब्लिक और पर्सनल मैनेजमेंट में अतिरिक्त मास्टर डिग्री प्राप्त की. इसके बाद के अगले छह सालों के लिए, नूई ने बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के लिए एक सलाहकार के रूप में काम किया. बाद में मोटोरोला और एसिया ब्राउन बोवेरी (अब एबीबी) जैसे इंजीनियरिंग फ़र्म में भी कार्यकारी पदों पर काम किया. वे 30 मार्च 1994 को पेप्सीको में शामिल हुईं. 12 साल बाद. नूई ने अक्टूबर 2006 में सीईओ का पद ग्रहण किया और अगले साल बोर्ड की अध्यक्ष भी बन गईं. पेप्सिको के 42 साल के इतिहास में पांचवीं अध्यक्ष और सीईओ, नूयी सॉफ्ट-ड्रिंक और स्नैक-फूड की दिग्गज कंपनी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला थीं और फॉर्च्यून 500 कंपनियों की केवल 11 महिला सीईओ में से एक थीं. 2007 में इंद्रा के. नूयी को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया और 2009 में उन्हें न्यूयॉर्क के बर्नार्ड कॉलेज द्वारा दिए गए सर्वोच्च पुरस्कार, बर्नार्ड मेडल ऑफ़ ऑनर से सम्मानित किया गया. वर्तमान में, नूई अमेज़न के बोर्ड और ऑडिट कमेटी की सदस्य हैं. वह टेमासेक की अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार परिषद और अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ आर्ट्स एंड साइंसेज की सदस्य हैं. इसके अलावा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की एक स्वतंत्र निदेशक हैं. वह एमआईटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में डीन की सलाहकार परिषद की सदस्य और एमआईटी कॉर्पोरेशन की सदस्य भी हैं.