यासमीन अपने भाई के दोस्तों फारूक शेख, ओवैस शेख, मनीस सैय्यद, जाकिर खान और सत्यम पांडे से मिली है. इन सबकी उम्र 18 से 23 साल के बीच है.
इस मुलाकात के बाद तय यासमीन ने इंस्टाग्राम पर एक फेक प्रोफाइल बनाया. मोहम्मद सादिक को उसने झूठे प्यार में फंसाया. इसके बाद उसने सादिक को मिलने के लिए मुंबई बुलाया. आगे क्या हुआ? सादिक को मुंबई के छोटा कश्मीर इलाके में मिलने के लिए बुलाया गया. सादिक बताई गई जगह पर पहुंचा. वहां पर इंस्टाग्राम वाली लड़की नहीं, उसका इंतज़ार फारूख, ओवैस, मनीस, जाकिर और सत्यम कर रहे थे.

आरोपियों द्वारा प्रयोग में लाई गई एंबुलेंस. इस एंबुलेंस का पेट्रोल रास्ते में खत्म हो गया था.
ये पांचो अपने साथ एक एंबुलेंस लाए थे. उन्होंने सादिक को किडनैप कर लिया और उसको मारने के लिए पास के जंगल में जाने लगे. लेकिन बीच रास्ते में ही पुलिस उनके पीछे पड़ गई. फिल्मी तरीके से ही एंबुलेंस का पेट्रोल खत्म हो गया, और आरोपी इनोवा किराए पर लेकर आगे बढ़ते हैं. हालांकि पुलिस ने उन सभी को पकड़ लिया. पुलिस को कैसे पता चली घटना? किडनैपिंग की घटना एक लोकल शख्स ने देख ली. उसने पुलिस को इसकी जानकारी दी. इसके बाद उसके बताए अनुसार पुलिस ने आरोपियों की तलाश की और उनका पीछा किया. आसपास के इलाके में नाकेबंदी की. पश्चिमी एक्सप्रेस हाइवे पर दहिसर नाका चौक से गुजरते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने बाद में यासमीन को भी गिरफ्तार कर लिया.













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