The Lallantop

टेनिस स्टार पेंग शुआई 10 दिन से गायब, पूर्व उप-राष्ट्रपति पर गंभीर आरोप

पेंग ने पोस्ट में लिखा था, "आज मैं सच बोलकर रहूंगी."

Advertisement
post-main-image
WTA-चीफ स्टीव साइमन ने बताया कि कहीं भी पेंग जवाब नहीं दे रही हैं. वे पूरी तरह नदारद हैं.
तारीख़ दो नवंबर. चीन की सबसे बड़ी टेनिस स्टार पेंग शुआई सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखती हैं. पोस्ट में वो चीन के पूर्व उप-राष्ट्रपति ज्हांग गाओली पर रेप के आरोप लगाती हैं. आपको पता होगा कि चीन में वेइबो नाम का सोशल मीडिया पोर्टल चलता है जो ट्विटर जैसा है. इस पोर्टल पर चीन की सरकार पर्याप्त सेंसरशिप भी रखती है. तो आप कल्पना कीजिए कि पेंग के इस पोस्ट के साथ क्या हुआ होगा. मगर सिर्फ पोस्ट को इंटरनेट से गायब कर दिया जाता तो यूं लगता कि चीन की सरकार ने वही किया जिस बात की उससे कोई भी अपेक्षा करता. मगर बात सिर्फ पोस्ट तक नहीं रुकी. पेंग शुआई पब्लिक से पूरी तरह गायब हो गईं.

क्या है पूरा मामला?

पेंग 35 साल की चीनी टेनिस प्लेयर हैं. डबल्स रैंकिंग में विश्व नंबर 1 रह चुकी हैं, विंबलडन और फ्रेंच ओपन जैसे बड़े खिताब इन्होंने डबल्स केटेगरी में अपने नाम किए हैं. कुल 25 टाइटल जीत चुकी हैं और पिछली बार साल 2020 में क़तर में खेलती देखी गई थीं.
पेंग आखिरी बार क़तर में खेलती दिखी थीं
पेंग आखिरी बार क़तर में खेलती दिखी थीं

पेंग ने सोशल मीडिया पर 1000 शब्दों से ज्यादा का पोस्ट किया था. जिसमें उन्होंने बताया था कि ज्हांग गाओली से उनका कथित अफेयर लगभग 10 साल पहले शुरू हुआ था. तब वो उपराष्ट्रपति नहीं बने थे. फिर बने, फिर रिटायर हुए. रिटायरमेंट के बाद यानी 3 साल पहले ज्हांग ने उन्हें अपने और अपनी पत्नी के साथ टेनिस खेलने के लिए इनवाइट किया. पेंग की पोस्ट के मुताबिक़, इस समय ज्हांग ने उनका रेप किया. बार बार मना करने के बावजूद. पेंग ने साथ में ये भी लिखा कि रिकॉर्डिंग के डर से ज्हांग ने पहले ही उनका मोबाइल रखवा लिया था और उनके पास अपनी बात को सपोर्ट करने के लिए कोई प्रूफ नहीं है.
पेंग ने पोस्ट में लिखा,
"भले ही मेरा ये पोस्ट इतना आत्मघाती हो जैसे अंडा होकर खुद को एक चट्टान पर मारना या एक परवाना होते हुए खुद आग की ओर बढ़ना. लेकिन आज मैं तुम्हारे बारे में सच बोलकर रहूंगी."
वेइबो से 20 मिनट के अन्दर ही ये पोस्ट डिलीट कर दिया गया और उनका नाम यानी 'पेंग शुआई' से लेकर 'टेनिस' शब्द जैसे कीवर्ड तक के सर्च ब्लॉक कर दिए गए. लेकिन स्क्रीनशॉट लेने के लिए 1 सेकंड ही काफी होता है. इस पोस्ट के स्क्रीन शॉट पूरी दुनिया में देखे गए. पेंग को दुनिया भर से सपोर्ट मिलने लगा. खासकर दुनिया के मशहूर टेनिस खिलाड़ियों से. यहां तक कि WTA यानी विमेंस टेनिस असोसिएशन ने ये स्टेटमेंट जारी किया कि पेंग और उनके जैसी तमाम महिलाओं की सुनी जानी चाहिए.
पेंग गायब हुईं. दुनिया भर में चीन की थू-थू हुई. WTA-चीफ स्टीव साइमन ने आधिकारिक तौर पर दुनिया को बताया कि वी-चैट से लेकर वॉट्सऐप तक, कहीं भी पेंग जवाब नहीं दे रही हैं. न उन्हें कॉल किया जा पा रहा है. वो पूरी तरह नदारद हैं.

कहां हैं पेंग शुआई?

पेंग के लिए लोग डर रहे थे. तभी चीन का सरकारी चैनल चाइनीज़ ग्लोबल टेलीविज़न नेटवर्क (CGTN) एक ट्वीट करता है, जिसमें वो एक ईमेल का स्क्रीनशॉट लगाता है. और कहता है कि ये ईमेल पेंग ने WTA चेयरमैन स्टीव साइमन को लिखा है. ईमेल में लिखा था:
"मेरी सेक्शुअल असॉल्ट से जुड़ा जो कॉन्टेंट WTA की आधिकारिक साइट पर छपा है, मैंने उसकी कोई पुष्टि नहीं की है. मैं बिलकुल सही सलामत हूं, सभी आरोप झूठे हैं और मैं बस घर पर आराम कर रही हूं."
चीनी सरकार पर किसी को भरोसा नहीं हुआ. इस ईमेल पर किसी को भरोसा नहीं हुआ. ज़ाहिर सी बात है, पेंग अगर सुरक्षित हैं तो वो हैं कहां? क्या चीनी सरकार इंटरनेशनल मीडिया को मूर्ख समझती है?
खैर, इस ईमेल पर स्टीव साइमन का जवाब आया. उन्होंने कहा,
"मुझे विश्वास नहीं है कि ये ख़त पेंग ने खुद भेजा है. WTA और पूरी दुनिया को कोई ठोस प्रूफ चाहिए, इस बात का कि वे सही सलामत हैं. WTA ने यहां तक कहा कि अगर उन्हें पेंग की सलामती का प्रूफ नहीं मिला तो वो चीन में होने वाले टूर्नामेंट्स कैंसिल कर देंगे क्योंकि किसी खिलाड़ी की सलामाती किसी बिज़नेस से बड़ी नहीं है."
WTA के अलावा टेनिस स्टार्स सेरेना विलियम्स और नाओमी ओसाका ने भी अपनी चिंता ज़ाहिर की. लेकिन 17 नवंबर के बाद से, यानी जब CGTN ने पेंग का कथित ईमेल पोस्ट किया, उसके बाद से चीन के गवर्मेंट-कंट्रोल्ड मीडिया की ओर से कुछ भी नहीं आया है.

ये कोई ऐसा पहला मामला नहीं है

ये पहली बार नहीं है जब किसी महिला ने किसी जाने-माने पुरुष के खिलाफ खुलकर बोला हो. 2018 में जब मी टू मूवमेंट की वजह से बड़े बड़े नाम बेनकाब हो रहे थे, उस वक़्त चीन में एक युवा राइटर ज़ियांज़ी ने एक मशहूर टीवी होस्ट ज़ू जुन पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. उन्होंने भी वेइबो पर बताया था कि जब वो 21 साल की थीं और ज़ू जुन के शो में एक इंटर्न राइटर थीं, तब ज़ू ने उनक यौन शोषण किया था. उन्होंने 3000 शब्दों में लिखकर बताया था कि किस तरह ज़ू ने उन्हें जबरन पकड़ा और जबरन किस किया. ये टॉर्चर लगभग 50 मिनट चला. ज़ियांज़ी ने बताया कि वे अगले ही दिन पुलिस के पास गईं लेकिन किसी ने ज़ू के खिलाफ शिकायत नहीं लिखी.
इस पोस्ट के वायरल होने ने बाद ज़ू ने ज़ियांज़ी पर मानहानि का केस कर दिया. ज़ू एक ऐसे चैनल में होस्ट थे जिसे सरकार बराबर कंट्रोल और सेंसर करती है. मुकदमा होने के बाद ज़ियांज़ी को वेइबो से ब्लॉक कर दिया गया. यहां तक कि उनके सपोर्ट में लिखने वालों को भी ब्लॉक कर दिया गया.
सितंबर में बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ज़ियांज़ी ने बताया कि कोर्ट ने उन्हें बोलने का मौका भी नहीं दिया. और केस को यौन शोषण का मसला मानने से इनकार कर दिया. कोर्ट में लंबे ट्रायल के दौरान उन्होंने 2014 में वो ड्रेस भी पेश की जो उन्होंने उस दिन पहनी थी, जिस दिन यौन शोषण की घटना कथित रूप से हुई. ड्रेस पर आरोपी ज़ू का डीएनए भी मिला. लेकिन ज़ियांज़ी को सिर्फ निराशा मिली. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक़ वेइबो पर सेंसरशिप लगातार बढ़ी है. यहां तक कि हैशटैग मी टू, जिसे चीनी लड़कियां 'राइस बनी' पुकारती हैं, का इस्तेमाल करना भी वेइबो पर बैन है.
ज़ियांज़ी के टीवी होस्ट ज़ू जुन पर यौन शोषण के आरोप के बाद भी बहुत बवाल हुआ था
ज़ियांज़ी के टीवी होस्ट ज़ू जुन पर यौन शोषण के आरोप के बाद भी बहुत बवाल हुआ था

चीन में सेंसरशिप और पीड़ित को चुप कराने की मानो प्रथा सी बनी हुई है. चीन के इस ओप्रेसिव सिस्टम को समझने के लिए मैंने बात की स्वाति मिश्रा से. स्वाति इंटरनेशनल जर्नलिस्ट हैं और लल्लनटॉप के लिए इंटरनेशनल मसलों पर लिखती थीं.
"चीन का जस्टिस सिस्टम एक ब्लैक होल की तरह है. यहां मी टू या यौन उत्पीड़न पर न्याय तो बहुत दूर की बात है, ओवरऑल जस्टिस सिस्टम ही ब्लैक होल की तरह है. बिलकुल पारदर्शी सिस्टम नहीं है. अदालतें कैसे काम करती हैं, अपील का क्या सिस्टम है, सब बंद दरवाज़ों के अंदर होता है. पत्रकार भी सारे सरकारी छाप हैं क्योंकि सारे चैनल सरकार नियंत्रित करती है. कोई भी ऐसा केस जिसमें सरकारी अधिकारियों के ऊपर या सेलिब्रिटी के ऊपर कोई ऐसा मामला होता है, तो औरत के लिए भी बहुत मुश्किल होता है. बिलकुल नाउम्मीद हो जाती है.
ऐसे ही अलीबाबा का भी एक मामला सामने आया था. अली बाबा एक बहुत बड़ी कंपनी है. वहां कि एक लेडी एम्प्लॉय ने एक अधिकारी पर  आरोप लगाया था कि जब वो  एक टूर पर गईं थीं, तो होटल में उनका बलात्कार हुआ. उस पूरे मामले पर बड़ी हाय तौबा मची थी पब्लिक में, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसको किसी तरह से टरका दिया गया. जबकि महिला ने बताया था कि कंपनी वालों की तरफ़ महिला कर्मचारियों पर ज़ोर दिया जाता है कि वो डिनर अपने सीनियर्स के साथ करें."
रिच कल्चर, रिच इकॉनमी, बेस्ट गवर्ननेंस और किंग ऑफ़ टेक्नोलॉजी होने का दम भरने वाले चीन में महिलाओं का ये हाल है, इससे ज्यादा क्या कहा जाए. फिलहाल तो बस बात इतनी है कि चीन की दुनिया में थू-थू हो रही है और उसके ऊपर प्रेशर है टेनिस स्टार पेंग की सलामती का प्रूफ देने का. क्योंकि पूरी दुनिया के मन में ये डर बैठा हुआ है कि अपनी लाज बचाने के लिए ये सरकार किस हद तक जा सकती है? एक बोलती हुई औरत को चुप करने के लिए एक सरकार किस हद तक जा सकती है?

Advertisement
Advertisement