आज, 14 जून की सुबह ट्विटर पर कीवर्ड दिखा तमिलनाडु. अंदर घुसे, तो तस्वीरें दिखीं -- अस्पताल के बाहर का मंज़र, सैकड़ों लोगों की भीड़ और स्ट्रेचर पर लेटा हुआ एक शख़्स. सीने पर हाथ रखकर रोता हुआ, एक शख़्स. ये शख़्स उस राज्य का मंत्री है. बिजली और एक्साइज़ मंत्री वी सेंथिल बालाजी. 13 और 14 जून की दरमियानी रात, प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को गिरफ़्तार कर लिया. लगभग 1.30 बजे, जब मंत्री बालाजी को ये बताया गया कि वो गिरफ़्तार होने वाले हैं, तो उन्होंने कहा कि उनके सीने में दर्द उमड़ रहा है. इसके बाद, उन्हें चेन्नई के ओमानदुरार सरकारी अस्पताल ले जाया गया. बालाजी अस्पताल पहुंचे, तो भारी संख्या में उनके समर्थक वहां पहले से ही पहुंचे हुए थे. ED के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी हुई, भारी ड्रामा देखा गया.
दी लल्लनटॉप शो: स्टालिन के मंत्री की गिरफ्तारी के बाद ED और Modi सरकार को क्यों घेरा जा रहा?
सेंथिल बालाजी के खिलाफ कार्रवाई पर देशभर के बिखरे हुआ विपक्ष ने एक सुर में मोदी सरकार की निंदा की है.
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राज्य की सत्ताधारी पार्टी से लेकर राज्य के विपक्ष ने भी ED की कार्यवाई पर सवाल उठाए हैं. केवल राज्य के विपक्ष नहीं, देश भर में बिखरे विपक्ष ने एक सुर में ED समेत केंद्र सरकार को घेरा है. सत्ता-समर्थकों ने कहा, मुख्यमंत्री स्टालिन के मंत्री पर छापा पड़ा तो सारे ED-पीड़ित एक हो गए.
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