भारत के उत्तर पूर्व में पड़ता है असम. यहां की राजधानी गुवाहाटी से तकरीबन 300 किलोमीटर दूर सिल्चर है. यही का एक गांव है, मालिनी बिल. 10 से 15 हज़ार लोगों की आबादी वाले इस गांव में तकरीबन साल भर पानी भरा रहता है. असम में बाढ़ के बाद बाकी क्षेत्रों से पानी कम हो जाता, लोग अपने घर वापस चले जाते हैं. लेकिन मालिनी बिल के लोग सालभर बाढ़ के पानी की मार झेलते हैं. इनके जीवन को करीब से देखेंगे तो आप समझ पाएंगे कि अब इन लोगों ने ऐसे जीने की आदत डाल ली है.
असम बाढ़ के बीच मालिनीबील गांव की ये तस्वीर क्या सरकार को नज़र नहीं आ रही?
मालिनी बिल. 10 से 15 हज़ार लोगों की आबादी वाले इस गांव में तकरीबन साल भर पानी भरा रहता है. असम में बाढ़ के बाद बाकी क्षेत्रों से पानी कम हो जाता, लोग अपने घर वापस चले जाते हैं.
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हर रोज़ यहां के लोग थर्माकोल की नाव से पानी भरने जाते हैं. इन्हें पानी के बहुत मशक्कत करनी पड़ती. आजतक के सहयोगी दिलीप कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की ओर से इन्हें टेबलेट दी गईं हैं, जिन्हें यहां के लोग पानी में डाल देते हैं, जिससे लोगों को कोई बीमारी ना हो.
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