सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश के बाद SBI ने इलेक्टोरल बॉन्ड के अल्फा न्यूमेरिक कोड्स (Electoral Bond Alphanumeric Code) की जानकारी साझा कर दी है. इन कोड्स के ज़रिए किस कंपनी या व्यक्ति ने इलेक्टोरल बॉन्ड के तहत किस पार्टी को चंदा दिया, ये पता चल गया है. बता दें कि ये वही जानकारी है, जिसका मिलान करने के लिए SBI ने सुप्रीम कोर्ट से 30 जून तक का समय मांगा था. SBI का कहना था कि सभी बॉन्ड खरीद से जुड़ी जानकारी जुटाने
और उसे मैच कराने में लंबा समय लगेगा. हालांकि इंडिया टुडे की डेटा इंटेलिजेंस यूनिट को वही काम करने में महज़ 3 घंटे का समय लगा है, जिसके लिए SBI चेयरमैन ने 3 महीने का समय मांगा था. पूरी खबर जानने के लिए वीडियो देखें.
जिस काम के लिए SBI ने 30 जून तक का समय मांगा, वो बस 3 घंटे में हो गया!
Supreme Court के फटकार के बाद SBI ने चुनाव आयोग से इलेक्टोरल बॉन्ड का डेटा साझा कर दिया है. इससे पहले डेटा साझा करने के लिए SBI ने Supreme Court से 30 जून तक का समय मांगा था.
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