'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद विपक्ष के नेता सरकार के इरादों पर सवाल उठा रहे हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ये ध्यान भटकाने के लिए किया गया है और ये संविधान के खिलाफ भी है. कई और विपक्षी नेता इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं. 18 सितंबर को कैबिनेट ने इसे मंजूरी दी. संसद के आने वाले सत्र में इसके लिए एक बिल पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक देश, एक चुनाव' के प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि ये प्रैक्टिकल नहीं है. और क्या-क्या कहा गया, जानने के लिए देखें वीडियो-
'ये संविधान के खिलाफ है', वन नेशन-वन इलेक्शन पर ओवैसी-खरगे समेत विपक्ष के नेता क्या बोले?
असदुद्दीन ओवैसी ने वन नेशन-वन इलेक्शन की आलोचना करते हुए कहा कि ये संघवाद को नष्ट करने के साथ ही लोकतंत्र से समझौता करता है, जो संविधान के मूल ढांचे का अहम हिस्सा है.
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