अशोक लवासा ने नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट नहीं दी, तो उनके खिलाफ जांच बैठा दी गई?
क्या मोदी को क्लीन चिट न देने वाले अधिकारी को फंसाने का तरीका खोज रही सरकार?
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अशोक लवासा साल 2009 से 2013 तक ऊर्जा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी, एडिशनल सेक्रेटरी और स्पेशल सेक्रेटरी के पदों पर कार्यरत थे. पत्र में इस कार्यकाल का हवाला देते हुए लिखा गया है कि अशोक लवासा पर ये आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने बतौर IAS अधिकारी अपने कार्यकाल के दौरान अपने पद का इस्तेमाल कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए किया है. इसके अलावा भी बहुत कुछ है, वीडियो में विस्तार से जानिए.
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