विपक्ष के लगातार विरोध के बावजूद 7 अगस्त को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 लोकसभा (Digital Personal Data Protection Bill) से पारित हो गया. लोकसभा में यह विधेयक ध्वनि मत से पारित हुआ. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बिल पेश करते हुए बताया कि ये बिल देश के 140 करोड़ लोगों के डिजिटल पर्सनल डेटा की सुरक्षा की व्यवस्था करता है. वैष्णव ने कहा कि देश में करीब 90 करोड़ लोग इंटरनेट से जुड़ चुके हैं, ऐसे में इस डिजिटल दुनिया में नागरिकों के अधिकार, सुरक्षा और प्राइवेसी के संरक्षण के लिए ये बिल लाया गया है. अब सवाल ये है कि जब सरकार आपके ऑनलाइन डेटा की सुरक्षा के लिए कानून बनाने जा रही है, तो इसमें दिक्कत क्या है और इसका इतना विरोध क्यों हो रहा है? सब एक-एक कर बताते हैं.
मोदी सरकार डाटा प्रोटेक्शन बिल लेकर आई है, क्या खूबी, क्या खामी? काम की बात जान लीजिए
डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल, 2023 का तिया पांचा समझ लीजिए.
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