Covid-19 और लॉकडाउन ने जिस समय दस्तक दी थी, उस समय देश के सामने एक और समस्या थी. समस्या ये कि इतने बिरले और नए रोग की जांच कैसे की जाए? जहां-जहां कोरोना फैल चुका था, वहां पर एक ही नाम गिनाया गया. RT-PCR. कहा गया कि कोरोना की पक्की जांच करनी है, तो यही टेस्ट करना होगा. सरकारी अस्पतालो में ये फ्री है. लेकिन प्राइवेट लैबों में शुरु में इस जांच में 4600-4800 रुपए तक देने पड़ रहे थे. आज देश में कुछ जगहों पर महज 400 रुपए तक में ये जांच कराई जा सकती है. यानी दाम में 90 पर्सेंट से भी ज़्यादा की कटौती. ऐसा क्या हुआ कि इस टेस्ट के दाम 4800 रूपये से 400 रूपये तक आ गए. देखिए वीडियो.
कोरोना के RT-PCR टेस्ट के रेट सरकारों ने 90% तक कम किए लेकिन झोल क्या है?
पहले फिर इतनी ज्यादा कीमत क्यों वसूल रहे थे?
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