उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक धार्मिक कार्यक्रम में मची भगदड़ में कम से कम 121 लोगों की मौत हो चुकी है. ये कार्यक्रम एक स्वयंभू बाबा सूरज पाल उर्फ नारायण साकार हरि का था. इंडिया टुडे की रिपोर्ट बताती है कि साकार हरि मूल रूप से एटा के पटयाली तहसील में बहादुरनगर गांव के रहने वाले हैं. ये इलाका अब कासगंज जिले में आता है. करीब 26 साल पहले पुलिस की नौकरी छोड़कर उन्होंने धार्मिक प्रवचन देना शुरू किया था. लल्लनटॉप से जुड़ी सोनल ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान बहादुरनगर गांव में भोले बाबा के परिवार से बात की. उनकी भाभी ने क्या-क्या बताया, जानने के लिए देखें वीडियो-
'लोग बच्चों को लेकर सत्संग में गए क्यों?', भगदड़ हादसे को लेकर भोले बाबा के परिवार ने क्या कहा?
रिपोर्ट के मुताबिक, साकार हरि मूल रूप से एटा के पटयाली तहसील में बहादुरनगर गांव के रहने वाले हैं. ये इलाका अब कासगंज जिले में आता है. करीब 26 साल पहले पुलिस की नौकरी छोड़कर उन्होंने धार्मिक प्रवचन देना शुरू किया था.
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