उत्तर प्रदेश का शहर बिजनौर. यहां दिसंबर, 2019 में नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए थे. यूपी पुलिस ने तक़रीबन 100 लोगों पर अलग-अलग FIR की थी. नजीबाबाद पुलिस स्टेशन में दो लोगों- शफीक़ और इमरान के ख़िलाफ़ दंगा भड़काने और हत्या के प्रयास का मुक़दमा पुलिस ने दर्ज किया था. अब इन दोनों को बिजनौर की सेशन कोर्ट ने ज़मानत दे दी है.
बिजनौर कोर्ट में पुलिस साबित नहीं कर पाई कि CAA प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर गोली चलाई
कोर्ट ने पुलिस पर गोली चलाने के आरोपियों को ज़मानत दी.
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