अंतरराष्ट्रीय ख़बरों से जुड़ा हमारा कार्यक्रम- दुनियादारी. इस कथानक में दो स्लोगन्स हैं. पहला नारा असली था. और दूसरा नारा, उस ऑरिजनल स्लोगन की छीछालेदर करने के लिए उछाला गया. उस पहले नारे से दूसरे नारे तक का फ़ासला एक मुल्क के क्या से क्या हो जाने का सफ़र है. ये फ़ासला है कल और आज का. एक देश है, जो बीते कल में शोषण और दमन के खिलाफ़ एक सुपरपावर से भिड़ गया था. उसने क्रांति करके आज़ादी पाई. वही देश आज अपनी जनता का दमन कर रहा है. विरोध प्रदर्शनों और आलोचनाओं को दबाने के लिए अत्याचार का सहारा ले रहा है. क्या है ये पूरा मामला, विस्तार से बताते हैं. देखिए वीडियो.
दुनियादारी: क्यूबा की सरकार प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए क्या हथकंडे अपना रही है?
क्यूबन जनता का कहना है कि वो अब बदलाव चाहती है.
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